योगी-केशव, सुरेश खन्ना के राज में योग्यता हारी, भ्रष्टाचार में डूबी वरिष्ठता को मिले पद

लखनऊ। जल निगम के एमडी राजेश मित्तल जो योग्यता के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। राजेश मित्तल वरिष्ठता और भ्रष्टाचार के मामले में पहले नंबर पर हैं, जिन्हे एमडी जल निगम और सीएनडीएस के पद पर तैनात कर दिया गया है। जबकि योग्यता के मामले में वरिष्ठ अभियंता जुबेर और जीसी दुबे राजेश से कहीं ज्यादा आगे हैं। फिर भी विभागीय मंत्री के कृपा पर राजेश मित्तल को दोनों विभागों का जिम्मा सौंप दिया गया है।

ऐसे ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनाने में चीफ इंजीनियर रहे विश्व दीपक, जिन्हें सारी जिम्मेदारी दी गयी थी और एक्सप्रेस वे घोटाले में उनकी संलिप्तता की जांच की बात भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं नें कही थी। बावजूद इसके विश्व दीपक को एमडी निर्माण निगम बना दिया गया। क्या कभी ऐसा हुआ है कि जिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश हों और उसे किसी बड़े पद की जिम्मेदारी दे दी गयी हो। इसके बावजूद विभागीय मंत्री ने उन्हे ये जिम्मेदार दे दी है।

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इस पूरे प्रकरण में विभाग के प्रमुख सचिव सदाकान्त और यूपीडा के चेयरमैन अवनीश अवस्थी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को अंधेरे में रखा है। जबकि एक ईमानदार अधिकारी राजीव कुमार जिन्हे ईमानदार बताया जाता है। इनके रहते हुए डीपीसी होने के बावजूद इन लोगों को वरिष्ठता के आधार तैनाती दे दी जाती है।

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