विभाग बंटवारे को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ गए दिल्ली, मोदी और अमित शाह के साथ करेंगे मीटिंग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी विभाग बंटवारे को लेकर मंगलवार को दिल्ली चले गए हैं हैं। दिल्ली में उनका बड़ा व्यस्त कार्यक्रम है। लेकिन इस सारी व्यस्तता के बीच उनकी यात्रा का सबसे बड़ा कारण मंत्रियों के विभागों का बंटवारा है। जिस पर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मुहर लगवाना चाहते हैं। अरसे बाद उत्तर प्रदेश की सत्ता में लौटी भाजपा को कई मोर्चे साधने हैं। जातिवाद का गणित तो मंत्रिमंडल के गठन में साध लिया गया।




अब दूसरा मुश्किल काम सामने है विभागों का बंटवारा होना। दिक्कत यह है कि दूसरी पार्टियों से भाजपा में आए लोग भी मंत्रिमंडल में शामिल हैं तो जो भाजपा के विधायक मंत्री बने हैं, उनमें पूर्व अनुभव वाले लोग न के बराबर हैं। खुद मुख्यमंत्री और उनके दोनों डिप्टी पहली बार सरकार संभाल रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व का सहारा लेना जरूरी हो गया है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी मंगलवार को दिल्ली आकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भेंट करेंगे। तत्पश्चात उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से भी मुलाकात का उनका कार्यक्रम है।




योगी संसद भवन में अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मिल सकते हैं। योगी अपने पहले अधिकृत दौरे के दौरान 9 बजे सुबह की फ्लाइट से दिल्ली आ रहे हैं। चूंकि वह अभी लोकसभा सदस्य हैं अत: उनका संसद भवन जाना लाजमी है। इन सबके बीच उनके दौरे की असल वजह मंत्रियों के विभागों पर भी उन्हें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी लेनी है। समझा जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को गृह विभाग, दिनेशशर्मा को वित्त और नगर विकास विभाग दिए जा सकते हैं।

श्रीकांत शर्मा को सूचना, धर्मपाल सिंह को कृषि, रमापति शास्त्री को स्वास्य, सूर्य प्रताप शाही को आबकारी, स्वामी प्रसाद मौर्य को समाज कल्याण और स्वतंत्र देव सिंह को पीडब्ल्यूडी दिए जा सकते हैं। मोहसिन रजा को अल्पसंख्यक कल्याणऔर रीता बहुगुणा जोशी को महिला कल्याण विभाग मिल सकता है।