निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लगाने की तैयारी में योगी आदित्यनाथ

लखनऊ| यूपी की सत्ता संभालते ही योगी आदित्यनाथ ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ फैसले लिए| जहां पहले उन्होंने सूबे में चल रहे अवैध बूचड़खानों को बंद करने का फरमान सुनाया तो वहीँ प्रदेश की लड़कियों को छेड़खानी से बचाने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया| वहीँ, अब योगी आदित्यनाथ ने प्रॉइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की पूरी तैयारी कर ली है| खबर है कि योगी सरकार नया विधेयक लाने जा रही है जिससे अब स्कूलों की मनमानी फीस पर लगाम लग सकेगी|




मुख्यमंत्री ने सोमवार रात 12.15 बजे तक सचिवालय एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय में बेसिक, माध्यमिक, उच्च तथा प्राविधिक व व्यावासायिक शिक्षा विभाग की भावी कार्ययोजना से संबंधित प्रस्तुतीकरण का जायजा लिया| इस दौरान उन्होंने कई निर्देश दिए| मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी शिक्षकों की हाजिरी हर हाल में सुनिश्चित की जाए| वे क्लासरूम में जाएं| इसके अलावा जो सरकारी शिक्षक कोचिंग पढ़ा रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए| मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं में नकल पर भी बेहद सख्त रुख अपनाया| उन्होंने कहा कि नकल वाले केंद्रों को काली सूची में डाला जाए| नकल माफिया पर हर हाल में अंकुश लगाया जाए| इस दौरान योगी ने निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के भी संकेत दिए| इसके लिए योगी सरकार ने नया विधेयक लाने की तैयारी कर ली है|

मुख्यमंत्री के इस फैसले से अभिभावकों में भी उम्मीद जगी है| अभिभावकों का कहना है कि स्कूल पिछले कई सालों से लूट रहे हैं| वह आये दिन बच्चों की फीस बढ़ा देते हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठा पाता| अभिभावकों का कहना है कि अगर कोई एक स्कूल के खिलाफ आवाज उठाता है तो दूसरा स्कूल उसे दाखिला नहीं देगा| पिछले कई वर्षों में हिम्मत जुटाकर अभिभावकों ने शासन और सरकार से शिकायत की लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात साबित हुआ| इन स्कूलों के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं हुई|




अगर प्राइवेट स्कूलों की फीस को नियंत्रण में रखने का कानून बन जाता है तो ऐसा करने वाला यूपी देश का छठा राज्य होगा| राजस्थान, तमिलनाडु, दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात में फीस की सीमा तय की जा चुकी है| पिछले महीने ही गुजरात सरकार ने कानून बनाया है जिसके मुताबिक प्राइमरी स्कूल 15 हजार रुपये, सेकेंडरी स्कूल 25 हजार और हायर सेकेंड्री स्कूल 27 हजार से ज्यादा सालाना फीस नहीं वसूल सकते| स्कूलों की फीस की सीमा तय करने को लेकर लंबे समय स्कूलों में प्रदर्शन भी हुए हैं लेकिन कोई कानून नहीं बन पाने की वजह से स्कूल फीस के नाम पर वसूली कर लेते हैं लेकिन अब योगी सरकार ये व्यवस्था बदलने जा रही है|