रिपोर्ट में खुलासा: UP विधानसभा में मिला संदिग्ध पाउडर नहीं था PETN, FSL डायरेक्टर ने किया गुमराह

लखनऊ। यूपी विधानसभा में मिले संदिग्ध पाउडर को खतरनाक विस्फोटक(PETN) बताये जाने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस मामले की जांच कर रहे डीजी टेक्निकल महेंद्र मोदी द्वारा शासन को भेजी गयी रिपोर्ट में इस बता का जिक्र है कि संदिग्ध पाउडर PETN नहीं था। इसकी पुष्टि पहली जांच में हो गयी थी लेकिन उच्च अधिकारियों को सही जानकारी नहीं दी गयी। लखनऊ फोरेंसिक लैब के डायरेक्टर श्याम बिहारी उपाध्याय ने ना सिर्फ जानकारी लीक की बल्कि कई बार उच्च अधिकारियों को गुमराह भी किया।
रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया है कि श्याम बिहारी ने पाउडर की जांच एक्सपायरी किट से की और पाउडर को आगरा लैब भेजने की बात भी कही लेकिन ना तो कोई ऐसा पाउडर आगरा फोरेंसिक लैब पहुंचा और ना ही लैब में PETN जैसे एक्सप्लोसिव की जांच के लिये मशीनें उपलब्ध थीं। श्यामा बिहारी के दावों पर गृह विभाग ने भी बयान जारी कर दिया और दूसरी तरफ श्याम बिहारी ने प्रमुख सचिव गृह का हवाला देकर जांच रिपोर्ट दबाये रखी।
डीजी टेक्निकल महेंद्र मोदी ने जांच रिपोर्ट में लिखा है कि श्याम बिहारी ने सैंपल को जांच के लिए आगरा भेजे जाने के मामले में भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अंधेरे में रखा। साथ ही इस बात का भी जिक्र किया गया है कि यूपी के प्रमुख सचिव गृह ने उपाध्याय को निर्देश दिया था कि आगरा लैब की रिपोर्ट किसी और को फॉरवर्ड न की जाये।

सस्पेंशन की हुई सिफ़ारिश-

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मामले की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यूपी डीजीपी सुलखान सिंह ने विस्तृत रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा है। जिसमें राज्य गृह विभाग से उपाध्याय को सस्पेंड करने की सिफारिश की गई है।

पासपोर्ट पर लगी रोक-

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इस मामले में खुद को घिरता देख डायरेक्टर श्याम बिहारी ने बीते दिनों टेक्निकल विभाग से अमेरिका जाने की अनुमति मांगी थी, जिसे विभाग ने इंकार करते हुए डीजी टेक्निकल ने डायरेक्टर एफएसएल का पासपोर्ट सीज करने के लिए लखनऊ के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को एक पत्र लिखा है।