25 दिसंबर को नोएडा में 29 साल पुराना भ्रम तोड़ेंगे सीएम योगी

Yogi Adityanath
सीएम योगी आदित्यनाथ का 45वां जन्मदिन आज

लखनऊ। करीब 28 साल पुराने अंधविश्वास को अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तोड़ने जा रहे हैं। सीएम योगी ने नोएडा जाने का फैसला किया है। बताते चलें कि यह अंधविश्वास है कि जब भी यूपी का कोई मुख्यमंत्री नोएडा का दौरा करता है, उसे अपनी कुर्सी गंवानी पड़ती है। इसी डर की वजह से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने पांच साल के कार्यकाल में नोएडा जाने से बचते रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती किसी अंधविश्वास को नहीं मानतीं, इसी भरोसे से वे कई बार नोएडा गई। साल 2012 के विधान सभा चुनाव में में बीएसपी हार गयी। इसी अंधविश्वास के हाथों मजबूर सीएम नोएडा के सभी सरकारी कार्यक्रम दिल्ली और लखनऊ से ही निपटाते रहे। नोएडा जाने से सत्ता छिन जाने के अन्धविश्वास वाली कहानी वीरबहादुर सिंह के जमाने में शुरू हुई। वे उन दिनों राज्य के मुख्यमंत्री थे। जून 1988 में सीएम रहते हुए वीरबहादुर नोएडा गए और अगले ही दिन उनका इस्तीफा हो गया।

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ऐसे ही 1989 में नारायण दत्त तिवारी और 1999 में कल्याण सिंह की कुर्सी भी नोएडा आने से चली गई थी। इतना ही नहीं 1995 में सीएम मुलायम सिंह यादव के साथ भी ऐसा हादसा हो चुका है। जब वे नोएडा आए थे और कुछ दिन बाद ही उनकी सीएम की कुर्सी चली गई।

अब योगी आदित्यनाथ 25 दिसंबर को नोएडा का दौरा करेंगे। यहां वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। गौतमबुद्धनगर के एसएसपी लव कुमार ने बताया कि सीएम के नोएडा दौरा का फाईनल कार्यक्रम आ गया है।

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लखनऊ। करीब 28 साल पुराने अंधविश्वास को अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तोड़ने जा रहे हैं। सीएम योगी ने नोएडा जाने का फैसला किया है। बताते चलें कि यह अंधविश्वास है कि जब भी यूपी का कोई मुख्यमंत्री नोएडा का दौरा करता है, उसे अपनी कुर्सी गंवानी पड़ती है। इसी डर की वजह से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने पांच साल के कार्यकाल में नोएडा जाने से बचते रहे। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती किसी अंधविश्वास को नहीं मानतीं, इसी भरोसे से वे कई…
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