UPCOCA बिल विधानसभा में दोबारा पारित, विपक्ष ने बताया काला दिवस

upcoca bill yogi adityanath, यूपीकोका बिल
UPCOCA बिल विधानसभा में दोबारा पारित, विपक्ष ने बताया काला दिवस
लखनऊ। संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने आज एक बार फिर यूपीकोका(UPCOCA) बिल विधानसभा में पेश किया, बिना किसी संसोधन के यूपीकोका बिल विधानसभा में दोबारा पारित हुआ। इससे पहले इस बिल को योगी सरकार ने विधानसभा से पास कराया था, लेकिन विधान परिषद में भाजपा के पास बहुमत न होने के चलते ये बिल पास नहीं हो सका था। विपक्ष ने कहा​ कि उत्तर प्रदेश के लिए आज काला दिवस है। आज सरकार ने यूपीकोका…

लखनऊ। संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने आज एक बार फिर यूपीकोका(UPCOCA) बिल विधानसभा में पेश किया, बिना किसी संसोधन के यूपीकोका बिल विधानसभा में दोबारा पारित हुआ। इससे पहले इस बिल को योगी सरकार ने विधानसभा से पास कराया था, लेकिन विधान परिषद में भाजपा के पास बहुमत न होने के चलते ये बिल पास नहीं हो सका था।

विपक्ष ने कहा​ कि उत्तर प्रदेश के लिए आज काला दिवस है। आज सरकार ने यूपीकोका को पास कराया है। यह आम जनता के लिए किसानों, गरीबों के लिए पत्रकारों के लिए हानिकारक है। सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है, निराश हो चुकी है।

{ यह भी पढ़ें:- उन्नाव रेप केस में आरोपी भाजपा विधायक को सीबीआई ने किया गिरफ्तार }

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम(यूपीकोका) को यूपी में निवेश बढ़ाने और कानून व्यवस्था का माहौल दुरुस्त करने में अहम योगदान देने वाला बताया था। इस विधेयक को विधानमण्डल के निचले सदन में पिछली 21 दिसम्बर को पारित किया जा चुका था। इसके बाद बाद में इसे विधान परिषद में पेश किया गया था लेकिन विपक्ष की आपत्तियों के बाद इसे सदन की प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था। वहां से लौटाने के बाद 13 मार्च को सरकार द्वारा इस पर विचार का प्रस्ताव विपक्ष की एकजुटता के कारण गिर गया था। अब प्रक्रिया के तहत इसे फिर से विधानसभा में पेश किया जाना है।

सरकार का दावा है कि इस बिल से प्रदेश में अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली, जबरन कब्जे, वेश्यावृत्ति, अपहरण, फिरौती, धमकी और तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर लगाम लगेगी।

{ यह भी पढ़ें:- उन्नाव गैंगरेप मामला: HC ने एक घंटे में योगी सरकार से मांगा जवाब, 'विधायक को गिरफ्तार करेंगे या नहीं' }

ये हैं बिल की अहम बातें-

यूपीकोका कानून महाराष्ट्र के मकोका कानून जैसा ही होगा। मकोका को 1999 में महाराष्ट्र सरकार ने बनाया था। इसके पीछे मकसद मुंबई जैसे शहर में अंडरवर्ल्ड के आतंक से निपटना था।

यूपीकोका कानून के तहत लगातार जबरन वसूली, किडनैपिंग, हत्या या हत्या की कोशिश और दूसरे संगठित अपराध करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा और ऐसे अपराधियों पर अंकुश लगाया जाएगा।

यूपीकोका की श्रेणी में आने वाले अपराध के निपटाने के लिए राज्य सरकार विशेष न्यायालय का गठन करेंगी। ताकि जल्द से जल्द मामलों का निपटारा किया जा सके।

{ यह भी पढ़ें:- शिष्या से बलात्कार के आरोपी स्‍वामी चिन्मयानंद का केस वापस लेगी योगी सरकार }

Loading...