हाई कोर्ट को धोखा दे रही योगी सरकार : अफजाल अंसारी

Afzal Ansari, अफजाल अंसारी
हाई कोर्ट को धोखा दे रही योगी सरकार : अफजाल अंसारी
गाजीपुर। बसपा नेता और पूर्व सांसद अफजाल अंसारी अपने भाई और बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को राज्यसभा चुनावों में मतदान से रोकने की यूपी सरकार की रणनीति पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सत्ता के नशे में जिस तहर से विधायकों को मताधिकार का प्रयोग करने से रोका वह अलोकतांत्रिक है। योगी सरकार का यह कदम हुकुमशाही के तरफ बढ़ रहा है। हुकुमशाही का दूसरा रुप ही तानाशाही होता है। उन्होने कहा कि मुख्तार अंसारी…

गाजीपुर। बसपा नेता और पूर्व सांसद अफजाल अंसारी अपने भाई और बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को राज्यसभा चुनावों में मतदान से रोकने की यूपी सरकार की रणनीति पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सत्ता के नशे में जिस तहर से विधायकों को मताधिकार का प्रयोग करने से रोका वह अलोकतांत्रिक है। योगी सरकार का यह कदम हुकुमशाही के तरफ बढ़ रहा है। हुकुमशाही का दूसरा रुप ही तानाशाही होता है।

उन्होने कहा कि मुख्तार अंसारी को राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए निर्वाचन आयोग व न्यायिक अभिरक्षा में जिन पांच न्यायालयों में मुकदमे विचाराधीन है, ने भी अनुमति प्रदान कर दी थी। सीबीआई कोर्ट दिल्ली, एसटी/एससी स्पेशल कोर्ट, स्पेशल कोर्ट गाजीपुर, सत्र न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट मऊ आदि न्यायालयों ने 23 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में मतदान हेतु अनुमति देकर डीएम, एसपी व जेल अधीक्षक को यह निर्देश दिया था कि उन्हें सुरक्षा के बीच लखनऊ तिलक हाल में मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए भेजा जाये।

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अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय में तथ्यों को छि‍पाकर यह याचिका दाखिल किया कि मात्र एक न्यायालय एससी/एसटी एक्ट स्पेंशल कोर्ट गाजीपुर ने ही मतदान की अनुमति दी है और गाजीपुर कोर्ट ने राज्यसभा के पक्ष को भी नहीं सुना है। इसलिए गाजीपुर कोर्ट के आदेश का स्थगित किया जाये। जिस पर उच्च न्यायालय ने गाजीपुर कोर्ट के आदेश का स्थगित कर दिया।

अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार ने जान-बूझकर यह तथ्य छिपाया कि केवल एक न्यायालय ने अनुमति दिया है, बाकि चार न्यायालयों ने अनुमति नहीं दिया है। यह सरासर झूठ है। राज्य सरकार ने जान-बूझकर अपनी नाजायज मंशा को पूरा करने के लिए झूठ बोला है। उच्च न्यायालय को गुमराह किया है। यहां तक कि राज्‍य सरकार ने यह भी तथ्य छिपाया कि भारत के निर्वाचन आयोग ने भी विधायक मुख्तार अंसारी को मतदान के लिए अनुमति दी है।

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उन्होने भाजपा के चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसी राज्यसभा चुनाव में भाजपा शासित झारखंड में जेल में बंद दो विधायकों को वोट करने के लिए अनुमति प्रदान की गयी, लेकिन उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित किया गया। यह भाजपा का दोहरा चरित्र है, जो समझ से परे है। देश के लोकतंत्र की स्थापना, संविधान और संविधान सम्मत कानून पर निर्भर है। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि बिना किसी न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध घोषित हुए भी अपने मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया जाये तो यह स्पष्ट होता है कि अब देश लोकतंत्र की व्यवस्था के बजाये हुकुम तंत्र की व्‍यवस्था की ओर बढ़ रहा है।

अंसारी ने बताया कि मुख्तार अंसारी के जेल में रहते हुए पूर्व में भी अदालत से अनुमति लेकर विधान परिषद या राज्य सभा सदस्यों के लिए मतदान में अपने मत का उपयोग करते रहे हैं। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के चुनाव में मुख्तार अंसारी ने न्यायालय से अनुमति लेकर जेल से आकर मतदान किया था। आज भाजपा के लोगों ने एक नई परंपरा को जन्म दिया है, जो भविष्य में उनके लिए ही गड्ढे का काम कारेगी। भाजपा की साजिश थी कि बीएसपी के प्रत्याशी भीमराव अंबेडकर को हराकर 2019 के आम चुनाव में विपक्ष एकता को खंडित करने में सफल होंगे। जबकि इस घटना से विपक्षी एकता और मजबूत होकर भाजपा को मुंह तोड़ जवाब देंगे।

गाजीपुर से राकेश पाण्डेय की रिपोर्ट

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