योगी जी! गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह में प्रशासन ने बांट दी लोहे की पायल

योगी जी! गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह में प्रशासन ने बांट दी लोहे की पायल
योगी जी! गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह में प्रशासन ने बांट दी लोहे की पायल

औरैया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गरीब बेटियों के लिए चलाई जा रही सामूहिक विवाह योजना में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। औरैया जिले में इस योजना के तहत 55 गरीब कन्याओं का विवाह कराया गया, लेकिन जिम्मेदार इस नेक काम में भी खेल करने से बाज नहीं आये। आरोप है कि विवाह कार्यक्रम मे दिए गये जेवर नकली निकले। इस मामले को लेकर विवाहिताओ ने डीएम से शिकायत की है। डीएम श्रीकांत ने इस मामले मे जांच कराने का आश्वासन दिया है।

Yogi Government Gives Iron Jewellery To Newly Married Brides Auraiya :

दरअसल, 18 फरवरी को औरेया जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा की देख-रेख में सामूहिक विवाह का आयोजन कराया गया था। जिसके लिए प्रशासन ने काफी वाह-वाही भी लूटी थी। लेकिन कुछ नवविवाहिता ने मामले की शिकायत करते हुए जिला प्रशासन पर धोखा देने का आरोप लगाया है। नवविवाहिताओं का आरोप है कि शासन की तरफ से दी जाने वाली मदद में से इज्जत घर और गिफ्ट में पायल, बिछिया व अन्य सामान दिया था। सप्ताहभर बाद पायल व बिछिया के रंग फीके पड़ गए। इस पर दुल्हनों ने उसे सुनार को दिखाया। सुनार ने चांदी के बजाय लोहे के होने की जानकारी दी तो उनके होश उड़ गए।

वहीं मामले के सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने बिछिया और पायल की आपूर्ति करने वाली फर्म की जांच और इसके बाद फर्म को प्रतिबंधित कर उसके भुगतान पर रोक लगाने की बात कही है। पूरे मामले मे समाज कल्याण अधिकारी ने जांच किये जाने की बात कही है। समाज कल्याण अधिकारी विनीत तिवारी कहते हैं कि जेवर बांटने के लिए संस्था का चयन ई-टेंडर के माध्यम से किया गया था। उसी ने ये आपूर्ति की है, शिकायत की पूरी जांच की जाएगी। अगर इसमें कोई कमी मिलती है तो कार्रवाई होगी।

औरैया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गरीब बेटियों के लिए चलाई जा रही सामूहिक विवाह योजना में प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। औरैया जिले में इस योजना के तहत 55 गरीब कन्याओं का विवाह कराया गया, लेकिन जिम्मेदार इस नेक काम में भी खेल करने से बाज नहीं आये। आरोप है कि विवाह कार्यक्रम मे दिए गये जेवर नकली निकले। इस मामले को लेकर विवाहिताओ ने डीएम से शिकायत की है। डीएम श्रीकांत ने इस मामले मे जांच कराने का आश्वासन दिया है।दरअसल, 18 फरवरी को औरेया जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा की देख-रेख में सामूहिक विवाह का आयोजन कराया गया था। जिसके लिए प्रशासन ने काफी वाह-वाही भी लूटी थी। लेकिन कुछ नवविवाहिता ने मामले की शिकायत करते हुए जिला प्रशासन पर धोखा देने का आरोप लगाया है। नवविवाहिताओं का आरोप है कि शासन की तरफ से दी जाने वाली मदद में से इज्जत घर और गिफ्ट में पायल, बिछिया व अन्य सामान दिया था। सप्ताहभर बाद पायल व बिछिया के रंग फीके पड़ गए। इस पर दुल्हनों ने उसे सुनार को दिखाया। सुनार ने चांदी के बजाय लोहे के होने की जानकारी दी तो उनके होश उड़ गए।वहीं मामले के सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने बिछिया और पायल की आपूर्ति करने वाली फर्म की जांच और इसके बाद फर्म को प्रतिबंधित कर उसके भुगतान पर रोक लगाने की बात कही है। पूरे मामले मे समाज कल्याण अधिकारी ने जांच किये जाने की बात कही है। समाज कल्याण अधिकारी विनीत तिवारी कहते हैं कि जेवर बांटने के लिए संस्था का चयन ई-टेंडर के माध्यम से किया गया था। उसी ने ये आपूर्ति की है, शिकायत की पूरी जांच की जाएगी। अगर इसमें कोई कमी मिलती है तो कार्रवाई होगी।