शिष्या से बलात्कार के आरोपी स्‍वामी चिन्मयानंद का केस वापस लेगी योगी सरकार

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शिष्या से बलात्कार के आरोपी स्‍वामी चिन्मयानंद का केस वापस लेगी योगी सरकार
शाहजहांपुर। यूपी सरकार ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री स्‍वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज रेप और अपहरण केस वापस लेने का फैसला किया है। स्वामी चिन्मयानंद पर सात साल नवंबर 2011 को शाहजहांपुर में एफआईआर दर्ज हुई थी। अपहरण और रेप का आरोप उनके ही आश्रम में कई वर्षों तक रहने वाली एक युवती ने लगाया था। दरअसल बीते 9 मार्च को इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट शाहजहांपुर के कार्यालय से एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में लिखा गया है कि शासन ने शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद पर दर्ज धारा 376, 506 आईपीसी का केस वापस लिए जाने का फैसला किया है।
गौरतलब है हाल ही में योगी सरकार ने प्रदेश में राजनीतिक कारणों से दर्ज मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया था। इसी क्रम में इस फैसले को भी जोड़कर देखा जा रहा है। फरवरी में ही सीएम योगी का शाहजहांपुर दौरा हुआ था। इस दौरान वह स्वामी चिन्मयानंद के मुमुक्षु आश्रम भी गए थे, जहां सीएम ने युवा महोत्सव में भाग लिया था।

Yogi Government Takes Decision To Withdraw Rape Case Against Swami Chinmayanand :

सात साल पुराना है रेप केस :

जौनपुर से सांसद बनने के बाद स्वामी चिन्मयानंद वाजपेयी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री थे। इस दौरान उनके संपर्क में आईं बदायूं निवासी साध्वी चिदर्पिता नामक महिला ने 2011 में उन पर हरिद्वार के आश्रम में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। चिदर्पिता की तहरीर पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर कोतवाली में 30 नवंबर 2011 को दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर स्टे दिया था। तब से केस लंबित चला आ रहा है। स्वामी चिन्मयानंद के करीबियों के मुताबिक  राजनीतिक साजिश और छवि खराब करने के मकसद से उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।
शाहजहांपुर। यूपी सरकार ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री स्‍वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज रेप और अपहरण केस वापस लेने का फैसला किया है। स्वामी चिन्मयानंद पर सात साल नवंबर 2011 को शाहजहांपुर में एफआईआर दर्ज हुई थी। अपहरण और रेप का आरोप उनके ही आश्रम में कई वर्षों तक रहने वाली एक युवती ने लगाया था। दरअसल बीते 9 मार्च को इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट शाहजहांपुर के कार्यालय से एक पत्र जारी किया गया है। पत्र में लिखा गया है कि शासन ने शाहजहांपुर कोतवाली में स्वामी चिन्मयानंद पर दर्ज धारा 376, 506 आईपीसी का केस वापस लिए जाने का फैसला किया है। गौरतलब है हाल ही में योगी सरकार ने प्रदेश में राजनीतिक कारणों से दर्ज मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया था। इसी क्रम में इस फैसले को भी जोड़कर देखा जा रहा है। फरवरी में ही सीएम योगी का शाहजहांपुर दौरा हुआ था। इस दौरान वह स्वामी चिन्मयानंद के मुमुक्षु आश्रम भी गए थे, जहां सीएम ने युवा महोत्सव में भाग लिया था।सात साल पुराना है रेप केस :
जौनपुर से सांसद बनने के बाद स्वामी चिन्मयानंद वाजपेयी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री थे। इस दौरान उनके संपर्क में आईं बदायूं निवासी साध्वी चिदर्पिता नामक महिला ने 2011 में उन पर हरिद्वार के आश्रम में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। चिदर्पिता की तहरीर पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर कोतवाली में 30 नवंबर 2011 को दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर स्टे दिया था। तब से केस लंबित चला आ रहा है। स्वामी चिन्मयानंद के करीबियों के मुताबिक  राजनीतिक साजिश और छवि खराब करने के मकसद से उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।