उत्तर प्रदेश : मॉब लिंचिंग और दुराचार पीड़िताओं को मुआवजा देगी योगी सरकार,मंत्रीमंडल में लिया गया फैसला

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उत्तर प्रदेश : मॉब लिंचिंग और दुराचार पीड़िताओं को मुआवजा देगी योगी सरकार,मंत्रीमंडल में लिया गया फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार अब दुराचार और मॉब लिंचिंग से पीड़ित लोगों को मुआवजा देगी। ये फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि”मंत्रिमंडल ने बलात्कार और मॉब लिंचिंग के ऐसे मामले जिनमें जांच लंबित है, उनके पीड़ितों को अंतरिम राहत उपलब्ध कराने का फैसला किया है।

Yogi Government To Give Compensation To Mob Lynching And Rape Victims Decision Taken In Cabinet :

बता दें कि जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सम्बन्धित श्रेणी में दी जाने वाली राहत की राशि के अधिकतम 25% हिस्से को अंतरिम क्षतिपूर्ति के तौर पर दिया जाएगा। उन्होने आगे बताया कि अभी तक बलात्कार और मॉब लिंचिंग के मामलों में फौरी मदद के बजाय जांच के बाद ही पीड़ितों को मदद दी जाती थी। पत्रकारों ने पूछा कि कितनी मदद दी जाएगी, तो उन्होने कहा कि ऐसी हिंसा के कई प्रकार हैं और मामले की किस्म के आधार पर मुआवजा तय किया जाएगा।

उच्चतम न्यायालय ने अपने एक आदेश में राज्य सरकारों से मॉब लिंचिंग के मामलों में विभिन्न परिस्थितियों में घटना के 30 दिनों के अंदर पीड़ित या उसके परिजन को अंतरिम राहत देने का निर्देश दिया था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार अब दुराचार और मॉब लिंचिंग से पीड़ित लोगों को मुआवजा देगी। ये फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि''मंत्रिमंडल ने बलात्कार और मॉब लिंचिंग के ऐसे मामले जिनमें जांच लंबित है, उनके पीड़ितों को अंतरिम राहत उपलब्ध कराने का फैसला किया है। बता दें कि जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सम्बन्धित श्रेणी में दी जाने वाली राहत की राशि के अधिकतम 25% हिस्से को अंतरिम क्षतिपूर्ति के तौर पर दिया जाएगा। उन्होने आगे बताया कि अभी तक बलात्कार और मॉब लिंचिंग के मामलों में फौरी मदद के बजाय जांच के बाद ही पीड़ितों को मदद दी जाती थी। पत्रकारों ने पूछा कि कितनी मदद दी जाएगी, तो उन्होने कहा कि ऐसी हिंसा के कई प्रकार हैं और मामले की किस्म के आधार पर मुआवजा तय किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने अपने एक आदेश में राज्य सरकारों से मॉब लिंचिंग के मामलों में विभिन्न परिस्थितियों में घटना के 30 दिनों के अंदर पीड़ित या उसके परिजन को अंतरिम राहत देने का निर्देश दिया था।