अभिव्यक्ति की आजादी पर योगी सरकार का बड़ा हमला, न्यूज दिखाने पर पत्रकार से STF ने की पूछताछ, अखिलेश-प्रियंका का हमला

    manish pandey
    अभिव्यक्ति की आजादी पर योगी सरकार का बड़ा हमला, न्यूज दिखाने पर पत्रकार से एसटीएफ ने की पूछताछ, अखिलेश प्रियंका का हमला

    लखनऊ। योगी सरकार में अभिव्यक्ति की आजादी पर एक बड़ा हमला हुआ है। एक टीवी चेैनल के पत्रकार ने कोरोना वायरस से जुड़ी हुई एक खबर क्या दिखा दी, योगी सरकार उस पत्रकार के पीछे पड़ गयी। बिना किसी नोटिस के ही यूपी एसटीएफ ने पत्रकार को पूछताछ के लिए बुला लिया और उससे घंटो तक पूछताछ की गयी, यही नही उस पर मांसिक दबाव बनाने की भी कोशिश की जा रही है। अब इस मामले को लेकर यूपी में विपक्ष की भूमिका निभा रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर पत्रकार का समर्थन करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है।

    Yogi Governments Big Attack On Freedom Of Expression Stf Questioned Journalist On Showing News Akhilesh Priyankas Attack :

    दरअसल पिछले दिनों घटिया पीपीई किट को लेकर यूपी के महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के.के. गुप्ता का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पत्र में उन्होंने कई मेडिकल कॉलेजों को घटिया पीपीई किट का उपयोग न करने समेत अन्य निर्देश दिए थे। इसी पत्र के आधार पर वरिष्ठ पत्रकार मनीष पांडेय ने अपने न्यूज चैनल में खराब गुणवत्ता वाली पीपीई किट की खबर चलवा दी थी। ये पत्र कैसे लीक हुआ इसकी जांच यूपी सरकार ने एसटीएफ को दी थी। अब एसटीएफ ने पूरी तरह से मनीष पांडेय पर ही​ शिंकजा कसना शुरू कर दिया है। पीड़ित पत्रकार मनीष पांडेय इस घटना के बाद काफी आहत हैं। अब विपक्ष भी पत्रकार के समर्थन में खड़ा हो गया है।

    लखनऊ। योगी सरकार में अभिव्यक्ति की आजादी पर एक बड़ा हमला हुआ है। एक टीवी चेैनल के पत्रकार ने कोरोना वायरस से जुड़ी हुई एक खबर क्या दिखा दी, योगी सरकार उस पत्रकार के पीछे पड़ गयी। बिना किसी नोटिस के ही यूपी एसटीएफ ने पत्रकार को पूछताछ के लिए बुला लिया और उससे घंटो तक पूछताछ की गयी, यही नही उस पर मांसिक दबाव बनाने की भी कोशिश की जा रही है। अब इस मामले को लेकर यूपी में विपक्ष की भूमिका निभा रहे सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट कर पत्रकार का समर्थन करते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा है। दरअसल पिछले दिनों घटिया पीपीई किट को लेकर यूपी के महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के.के. गुप्ता का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पत्र में उन्होंने कई मेडिकल कॉलेजों को घटिया पीपीई किट का उपयोग न करने समेत अन्य निर्देश दिए थे। इसी पत्र के आधार पर वरिष्ठ पत्रकार मनीष पांडेय ने अपने न्यूज चैनल में खराब गुणवत्ता वाली पीपीई किट की खबर चलवा दी थी। ये पत्र कैसे लीक हुआ इसकी जांच यूपी सरकार ने एसटीएफ को दी थी। अब एसटीएफ ने पूरी तरह से मनीष पांडेय पर ही​ शिंकजा कसना शुरू कर दिया है। पीड़ित पत्रकार मनीष पांडेय इस घटना के बाद काफी आहत हैं। अब विपक्ष भी पत्रकार के समर्थन में खड़ा हो गया है।