योगी सरकार का बड़ा कदम, मंहगी बेंची शराब तो देना होगा जुर्माना

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योगी सरकार का बड़ा कदम, मंहगी बेंची शराब तो देना होगा जुर्माना

लखनऊ। लॉकडाउन के बीच ही पूरे देश में शराब की दुकाने खुल गयी हैं। वहीं कई जगह से ये शिकायते आ रही हैं कि दुकानदार निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत पर शराब बेंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों के निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेचने के मामले को आबकारी विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा करने वाले दुकानदारों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

Yogi Governments Big Move Expensive Liquor Liquor Will Have To Be Fined :

प्रमुख सचिव (आबकारी) संजय आर. भूसरेड्डी ने एक बयान जारी कर ग्राहकों से अपील की है कि वे निर्धारित मूल्य से अधिक राशि का भुगतान न करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेचने वाले दुकानदार पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और अगर वही दुकानदार दोबारा महंगी शराब बेचते पकड़ा गया, तो उससे डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। जबकि तीसरी बार पकड़े जाने पर दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि वे शराब की दुकानों की जांच करें और अधिक दाम पर शराब बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रमुख सचिव (आबकारी) संजय आर. भूसरेड्डी की ओर से जारी बयान में यह भी बताया गया कि प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ 25 मार्च से अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सात मई को प्रदेश में 175 मामले पकड़े गये, 3,291 लीटर अवैध शराब पकड़ी गयी तथा 11 लोगों को जेल भेजा गया ।

BJP विधायक ने की शराब की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग
इससे पहले बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र के बीजेपी विधायक सुरेन्द्र सिंह ने लॉकडाउन के बीच शुरू की गई शराब की बिक्री के लिए अपनी ही पार्टी की योगी सरकार पर निशाना साधा और सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने शराब की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की। विधायक ने शराबबंदी के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह के लिए इंसान की जान से समझौता करना उचित नहीं है। सिंह ने कहा कि भले ही कोई अन्य सुविधा बंद कर दी जाए और राजस्व प्राप्ति के लिए कोई दूसरा उपाय किया जाय लेकिन समाज हित में शराब की बिक्री रोका जाना आवश्यक है, क्योंकि इससे अराजकता फैलती है। साथ ही शराब की बिक्री के बीच लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन संभव नहीं है।

लखनऊ। लॉकडाउन के बीच ही पूरे देश में शराब की दुकाने खुल गयी हैं। वहीं कई जगह से ये शिकायते आ रही हैं कि दुकानदार निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत पर शराब बेंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों के निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेचने के मामले को आबकारी विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा करने वाले दुकानदारों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। प्रमुख सचिव (आबकारी) संजय आर. भूसरेड्डी ने एक बयान जारी कर ग्राहकों से अपील की है कि वे निर्धारित मूल्य से अधिक राशि का भुगतान न करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेचने वाले दुकानदार पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और अगर वही दुकानदार दोबारा महंगी शराब बेचते पकड़ा गया, तो उससे डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। जबकि तीसरी बार पकड़े जाने पर दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि वे शराब की दुकानों की जांच करें और अधिक दाम पर शराब बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रमुख सचिव (आबकारी) संजय आर. भूसरेड्डी की ओर से जारी बयान में यह भी बताया गया कि प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ 25 मार्च से अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सात मई को प्रदेश में 175 मामले पकड़े गये, 3,291 लीटर अवैध शराब पकड़ी गयी तथा 11 लोगों को जेल भेजा गया । BJP विधायक ने की शराब की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग इससे पहले बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र के बीजेपी विधायक सुरेन्द्र सिंह ने लॉकडाउन के बीच शुरू की गई शराब की बिक्री के लिए अपनी ही पार्टी की योगी सरकार पर निशाना साधा और सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने शराब की बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की। विधायक ने शराबबंदी के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह के लिए इंसान की जान से समझौता करना उचित नहीं है। सिंह ने कहा कि भले ही कोई अन्य सुविधा बंद कर दी जाए और राजस्व प्राप्ति के लिए कोई दूसरा उपाय किया जाय लेकिन समाज हित में शराब की बिक्री रोका जाना आवश्यक है, क्योंकि इससे अराजकता फैलती है। साथ ही शराब की बिक्री के बीच लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन संभव नहीं है।