योगी के इस बड़े कदम से बढ़ेंगी सपा-बसपा की मुश्किलें

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समाजवादी पार्टी (सपा) व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई की फिजूलखर्ची उन महापुरुषों के नाम पर की गई, जिन्होंने अपना पूरा जीवन सादगी से वंचितों की सेवा में लगा दिया था। पार्टी ने कहा है कि स्मारकों, पार्को के सुंदरीकरण के नाम फिजूलखर्ची और फर्जीवाड़े की भाजपा सरकार जांच कराएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी करेगी।




पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, “कांग्रेस संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए सपा-बसपा सरकारों ने महापुरुषों के नाम का उपयोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए किया। डॉ. अंबेडकर के नाम पर बसपा अध्यक्ष मायावती केवल राजनीति करती हैं। उन्होंने दलितों के बजाय दौलत की चिंता कर बाबा साहब के मिशन को ठेस पहुंचाई।”

उन्होंने कहा कि अंबेडकर स्मारक के नाम पर बड़ी फिजूलखर्ची को मुद्दा बताते हुए मुलायम सिंह यादव ने अंबेडकर स्मारक को अय्याशी का अड्डा बताया था। उसी समाजवादी पार्टी ने जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीयकेंद्र के निर्माण में फिजूलखर्ची के मसले पर बसपा को पीछे छोड़ दिया। प्रवक्ता ने कहा कि अधिक बजट बनाकर की गई बड़े पैमाने पर फिजूलखर्ची और वित्तीय अनिमितताएं उजागर हो रही हैं, जिससे अखिलेश यादव के समाजवाद की परतें उधड़ रही हैं।




भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण हमेशा गरीबों के उत्थान की लड़ाई लड़ते रहे, उनके नाम पर जनता के पैसों की बंदरबाट अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। स्मारकांे, पार्को के सुंदरीकरण के नाम फिजूलखर्ची और फर्जीवाड़े की भाजपा सरकार जांच कराएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी करेगी।”

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