20 हज़ार नेताओं के राजनीतिक मुकदमें वापस लेगी योगी सरकार, अखिलेश ने जताया विरोध

लखनऊ। यूपी की योगी सरकार प्रदेश के 20 हजार नेताओं के लिए राहत की खबर लाई है, जिसके अनुसार सरकार इनके ऊपर चल रहें हैं राजनीतिक मुकदमों को वापस लेने की तैयारी में हैं। सूत्रों की मानें तो इस तरह के मामलों को खत्म करने के लिए संबंधित जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दिया गया है। हालांकि यह खबर आने के बाद सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि सीएम और डेप्युटी सीएम पर कई मुकदमें दर्ज हैं क्या वे खुद उनकी फाइलों पर हस्ताक्षर करेंगे।

Yogi Sarkar Akhilesh To Oppose 20000 Political Cases :

दरअसल, गुरुवार को यूपी विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह इन तमाम मामलों को वापस लेगी। वहीं कानून विभाग को दिए निर्देश के मुताबिक सरकार के इस फैसले की वजह यह बताई जा रही है कि योगी सरकार को लगता है कि ये तमाम मामले राजनीति से प्रेरित होकर दर्ज कराए गए हैं, यह सभी मामले राजनीतिक हैं। कानून विभाग को इस कानून के लिए तैयारी करने का भी निर्देश दे दिया गया है।

उधर योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद इस तरह के 20 हजार से अधिक मामले हैं जोकि राजनीतिक कारणों की वजह से दर्ज कराए गए हैं। लेकिन कानूनी तौर पर देखें तो यह कोर्ट पर निर्भर करता है कि वह इस तरह के मामलों को स्वीकार करे या नहीं।

लखनऊ। यूपी की योगी सरकार प्रदेश के 20 हजार नेताओं के लिए राहत की खबर लाई है, जिसके अनुसार सरकार इनके ऊपर चल रहें हैं राजनीतिक मुकदमों को वापस लेने की तैयारी में हैं। सूत्रों की मानें तो इस तरह के मामलों को खत्म करने के लिए संबंधित जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दिया गया है। हालांकि यह खबर आने के बाद सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने योगी सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि सीएम और डेप्युटी सीएम पर कई मुकदमें दर्ज हैं क्या वे खुद उनकी फाइलों पर हस्ताक्षर करेंगे। दरअसल, गुरुवार को यूपी विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह इन तमाम मामलों को वापस लेगी। वहीं कानून विभाग को दिए निर्देश के मुताबिक सरकार के इस फैसले की वजह यह बताई जा रही है कि योगी सरकार को लगता है कि ये तमाम मामले राजनीति से प्रेरित होकर दर्ज कराए गए हैं, यह सभी मामले राजनीतिक हैं। कानून विभाग को इस कानून के लिए तैयारी करने का भी निर्देश दे दिया गया है। उधर योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद इस तरह के 20 हजार से अधिक मामले हैं जोकि राजनीतिक कारणों की वजह से दर्ज कराए गए हैं। लेकिन कानूनी तौर पर देखें तो यह कोर्ट पर निर्भर करता है कि वह इस तरह के मामलों को स्वीकार करे या नहीं।