कल है योगिनी एकादशी, जाने इसके लाभ और पूजन विधि

इस दिन पड़ रही है योगिनी एकादशी, जाने इसके लाभ और पूजन विधि
इस दिन पड़ रही है योगिनी एकादशी, जाने इसके लाभ और पूजन विधि

लखनऊ। आषाढ़ माह के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी का पाप के प्रायश्चित के लिए विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति प्रदान होती है साथ ही सुख की प्राप्ति होती है। इस बार योगिनी एकादशी 29 जून को है।

Yogini Ekadashi 2019 Pooja Vidhi :

योगिनी एकादशी पूजन विधि—

  • प्रातःकाल स्नान करके सूर्य देवता को जल अर्पित करें।
  • इसके बाद पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • उन्हें पीले फूल,पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें।
  • इसके बाद श्री हरि और मां लक्ष्मी के मन्त्रों का जाप करें।
  • किसी निर्धन व्यक्ति को जल का, अन्न-वस्त्र का या जूते छाते का दान करें।
  • केवल जल और फल ग्रहण करके ही उपवास रखें।

योगिनी एकादशी व्रत के लाभइस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा-आराधना की जाती है। ऐसी मान्यता है जो भी इस योगिनी एकादशी पर व्रत रखता है उसे 88 हजार ब्राह्राणों को भोजन करवाने के बराबर का पुण्य-लाभ मिलता है। हिन्दू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व होता है। वैसे तो पूरे वर्ष में 24 एकादशियां होती हैं लेकिन मलमास का महीना होने पर एकादिशयों की संख्या 26 हो जाती है। एकादशी का व्रत रखने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। जिसमें योगिनी एकादशी का विशेष महत्व होता है।

लखनऊ। आषाढ़ माह के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी का पाप के प्रायश्चित के लिए विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति प्रदान होती है साथ ही सुख की प्राप्ति होती है। इस बार योगिनी एकादशी 29 जून को है। योगिनी एकादशी पूजन विधि---
  • प्रातःकाल स्नान करके सूर्य देवता को जल अर्पित करें।
  • इसके बाद पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • उन्हें पीले फूल,पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें।
  • इसके बाद श्री हरि और मां लक्ष्मी के मन्त्रों का जाप करें।
  • किसी निर्धन व्यक्ति को जल का, अन्न-वस्त्र का या जूते छाते का दान करें।
  • केवल जल और फल ग्रहण करके ही उपवास रखें।
योगिनी एकादशी व्रत के लाभइस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा-आराधना की जाती है। ऐसी मान्यता है जो भी इस योगिनी एकादशी पर व्रत रखता है उसे 88 हजार ब्राह्राणों को भोजन करवाने के बराबर का पुण्य-लाभ मिलता है। हिन्दू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व होता है। वैसे तो पूरे वर्ष में 24 एकादशियां होती हैं लेकिन मलमास का महीना होने पर एकादिशयों की संख्या 26 हो जाती है। एकादशी का व्रत रखने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। जिसमें योगिनी एकादशी का विशेष महत्व होता है।