उत्तराखंड की खूबसूरत घाटियों में बनी इस झील को देखकर आप रह जाएंगे हैरान, ये है रहस्मयी बातें

roopkund jheel
उत्तराखंड की खूबसूरत घाटियों में बनी इस झील को देखकर आप रह जाएंगे हैरान, ये है रहस्मयी बातें

लखनऊ। घूमना किसे नहीं पसंद होता है पर क्या आप कभी अकेले किसी जगह पर घूमने गए हैं। अगर नहीं तो आज हम आपको एक ऐसी जगह से रूबरू कराने वाले हैं जिसके बारें में जानकार आप हैरान रह जाएंगे। हम बात करेंगे उत्तराखंड की उस जगह के बारे में जहां से करीब 16 हजार फीट ऊंचाई पर बनी एक झील है। जिसे देखते ही आपका दिमाग खुल जाएगा।

You Will Be Surprised By Seeing This Lake Built In The Beautiful Valleys Of Uttarakhand :

ये जगह उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित रूपकुंड ट्रैक है। यहां दूर-दूर तक घने जंगल हैं, साथ ही यहां की रूपकुंड झील जिसे देखकर हर कोई हैरान हो जाता है। ये झील काफी रहस्मयी बताई जाती है। हालांकि, चारों तरफ पर्वतों की घाटियां इस जगह को और भी ज्यादा शानदार बना देती हैं। ये हिमालय की दो चोटियों त्रिशूल और नंदघुंगटी के तल के पास स्थित है। यहां कई लोग ट्रैकिंग करते नजर आ जाएंगे। यहां कुछ मंदिर और एक छोटी सी झील भी है, जो इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इसके अलावा आसपास गहरी ढलानों पर झरने यात्रियों को अपनी ओर और आकर्षित करते हैं।

बता दें कि रूपकुंड झील को कंकाल झील भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि 1942 में यहां पर पांच सौ से अधिक कंकाल पाए गए थे। तब से ही इस झील को कंकाल झील के नाम से भी जाना जाता है। ये भी कहा जाता है कि इन कंकालों का जब परीक्षण हुआ तो पता चला कि वो 12वीं और 15वीं सदी के बीच के लोगों के थे।

लखनऊ। घूमना किसे नहीं पसंद होता है पर क्या आप कभी अकेले किसी जगह पर घूमने गए हैं। अगर नहीं तो आज हम आपको एक ऐसी जगह से रूबरू कराने वाले हैं जिसके बारें में जानकार आप हैरान रह जाएंगे। हम बात करेंगे उत्तराखंड की उस जगह के बारे में जहां से करीब 16 हजार फीट ऊंचाई पर बनी एक झील है। जिसे देखते ही आपका दिमाग खुल जाएगा। ये जगह उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित रूपकुंड ट्रैक है। यहां दूर-दूर तक घने जंगल हैं, साथ ही यहां की रूपकुंड झील जिसे देखकर हर कोई हैरान हो जाता है। ये झील काफी रहस्मयी बताई जाती है। हालांकि, चारों तरफ पर्वतों की घाटियां इस जगह को और भी ज्यादा शानदार बना देती हैं। ये हिमालय की दो चोटियों त्रिशूल और नंदघुंगटी के तल के पास स्थित है। यहां कई लोग ट्रैकिंग करते नजर आ जाएंगे। यहां कुछ मंदिर और एक छोटी सी झील भी है, जो इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इसके अलावा आसपास गहरी ढलानों पर झरने यात्रियों को अपनी ओर और आकर्षित करते हैं। बता दें कि रूपकुंड झील को कंकाल झील भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि 1942 में यहां पर पांच सौ से अधिक कंकाल पाए गए थे। तब से ही इस झील को कंकाल झील के नाम से भी जाना जाता है। ये भी कहा जाता है कि इन कंकालों का जब परीक्षण हुआ तो पता चला कि वो 12वीं और 15वीं सदी के बीच के लोगों के थे।