दर्दनाक: ट्रेन में भीड़ के चलते युवती की दम घुटने से हुई मौत

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झांसी। गर्मी के मौसम में छुट्टियों को लेकर ट्रेनों में हो रही भीड़ अब जानलेवा होती दिख रही है। उत्तर प्रदेश के में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में भीड़ की वजह से 18 वर्षीय सीता की दम घुटने से मौत हो गई। वहां पिता और अन्य भाई बहनों के साथ बांदा से दिल्ली जा रही थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है।

Young Girl Died Due To Suffocation In Heavy Crowd Of Sampark Kranti Express :

बांदा निवासी रामप्रकाश अहिरवार परिवार के साथ दिल्ली में मजदूरी करते हैं। शुक्रवार रात वह अपनी बेटी सीता और अन्य बच्चों के साथ यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बांदा से हजऱत निज़ामुद्दीन जा रहे थे। ट्रेन में काफी भीड़ थी। वह बेटी और अन्य बच्चों के साथ किसी तरह जनरल कोच में सवार हो गए। कोच में प्रवेश करने के बाद अचानक सीता की हालत बिगडऩे लगी।

उसने कई बार पिता से भी उतरने को कहा लेकिन कामयाब नहीं हो सके। इस बीच बांदा से निकलने के बाद ट्रेन महोबा व मऊरानीपुर स्टेशन पर भी रुकी लेकिन भीड़ की वजह से उतर नहीं सके। ट्रेन निवाड़ी व बरूआसागर स्टेशन के बीच अचानक दम घुटने से सीता बेहोश हो गई। ट्रेन के झांसी पहुंचने पर कड़ी मशक्कत के बाद पिता ने उसे कोच से नीचे उतारकर रेलकर्मियों के सहयोग से डिप्टी एसएस को सूचना दी।

खबर मिलते ही एंबुलेंस बुलाकर उपचार के लिए सीता को रेलवे हॉस्पिटल ले जाया गयाए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार ने बताया कि मृतका बीमार थी। संभवत भीड़ ज्यादा होने की वजह से वह सांस नहीं ले सकी और बेहोश हो गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही सामने आएगा।  ट्रेनों में एकाएक भीड़ बढऩे के कारण ट्रेनों का हाल बेहाल है।

झांसी। गर्मी के मौसम में छुट्टियों को लेकर ट्रेनों में हो रही भीड़ अब जानलेवा होती दिख रही है। उत्तर प्रदेश के में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में भीड़ की वजह से 18 वर्षीय सीता की दम घुटने से मौत हो गई। वहां पिता और अन्य भाई बहनों के साथ बांदा से दिल्ली जा रही थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। बांदा निवासी रामप्रकाश अहिरवार परिवार के साथ दिल्ली में मजदूरी करते हैं। शुक्रवार रात वह अपनी बेटी सीता और अन्य बच्चों के साथ यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बांदा से हजऱत निज़ामुद्दीन जा रहे थे। ट्रेन में काफी भीड़ थी। वह बेटी और अन्य बच्चों के साथ किसी तरह जनरल कोच में सवार हो गए। कोच में प्रवेश करने के बाद अचानक सीता की हालत बिगडऩे लगी। उसने कई बार पिता से भी उतरने को कहा लेकिन कामयाब नहीं हो सके। इस बीच बांदा से निकलने के बाद ट्रेन महोबा व मऊरानीपुर स्टेशन पर भी रुकी लेकिन भीड़ की वजह से उतर नहीं सके। ट्रेन निवाड़ी व बरूआसागर स्टेशन के बीच अचानक दम घुटने से सीता बेहोश हो गई। ट्रेन के झांसी पहुंचने पर कड़ी मशक्कत के बाद पिता ने उसे कोच से नीचे उतारकर रेलकर्मियों के सहयोग से डिप्टी एसएस को सूचना दी। खबर मिलते ही एंबुलेंस बुलाकर उपचार के लिए सीता को रेलवे हॉस्पिटल ले जाया गयाए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार ने बताया कि मृतका बीमार थी। संभवत भीड़ ज्यादा होने की वजह से वह सांस नहीं ले सकी और बेहोश हो गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही सामने आएगा।  ट्रेनों में एकाएक भीड़ बढऩे के कारण ट्रेनों का हाल बेहाल है।