रिटायरमेंट के 4 महीने बाद युवराज सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बताया- अचानक क्यों लिया संन्यास

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रिटायरमेंट के 4 महीने बाद युवराज सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बताया- अचानक क्यों लिया संन्यास

नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने अपने रिटारयरमेंट पर बीसीसीआई (BCCI) के प्रति नाराजगी जाहिर की है। युवराज सिंह ने दावा किया कि इंटरनैशनल करियर के अंतिम पड़ाव में टीम मैनेजमेंट ने उन्हें निराश किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पूरा समर्थन मिला होता तो वह 2011 में शानदार प्रदर्शन के बाद एक और विश्व कप खेल सकते थे। टीम प्रबंधन और इससे जुड़े लोगों से मुझे मुश्किल से ही कोई सहयोग मिला।

Yuvraj Singh Team Management World Cup 2019 Virat Kohli Indian Cricket Team :

बाहर किए जाने पर हैरान था

उन्होंने कहा, ‘लेकिन जो भी क्रिकेट मैंने खेला, वो अपने दम पर खेला। मेरा कोई ‘गॉडफादर’ नहीं था।’ युवराज ने कहा कि फिटनेस के लिए अनिवार्य ‘यो-यो टेस्ट’ पास करने के बावजूद उनकी अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन को उनसे पीछा छुड़ाने के तरीके ढूंढने के बजाय उनके करियर के संबंध में स्पष्ट बात करनी चाहिए था। युवराज ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे 2017 चैंपियंस ट्रोफी के बाद आठ से 9 मैच में से दो में मैन ऑफ द मैच पुरस्कार जीतने के बाद मुझे टीम से बाहर कर दिया जाएगा। मैं चोटिल हो गया और मुझे श्रीलंका सीरीज की तैयारी के लिए कहा गया।’

लोगों को लगा इस उम्र में ‘यो-यो’ टेस्ट पास नहीं कर पाऊंगा

उन्होंने कहा, ‘अचानक ही मुझे वापस आना पड़ा और 36 साल की उम्र में ‘यो-यो टेस्ट’ की तैयारी करनी पड़ी। यहां तक कि ‘यो-यो टेस्ट’ पास करने के बाद मुझे घरेलू क्रिकेट में खेलने को कहा गया। उन्हें ऐसा लगा था कि मैं इस उम्र में इस टेस्ट को पास नहीं कर पाऊंगा। इससे उनके लिए मुझे बाहर करने में आसानी हो जाती।’ युवराज ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था, क्योंकि जिस खिलाड़ी ने 15-16 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला हो, उसे आपको सीधे बैठकर बात करनी चाहिए। किसी ने भी मुझे कुछ नहीं कहा, न ही किसी ने वीरेंदर सहवाग या जहीर खान से ऐसा कहा।’  

2019 का वर्ल्‍ड कप खेलना चाहते थे युवराज

वर्ल्‍ड कप 2011 के मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा कि वह 2019 का वर्ल्‍ड कप खेलना चाहते थे। 2015 में भी जब उन्‍हें मौका नहीं मिला था तो उन्‍हें निराशा हुई थी उस समय भी उन्‍होंने रणजी ट्रॉफी में काफी रन बनाए थे। हालांकि उन्‍होंने सही समय पर रिटायरमेंट लेने के फैसले पर खुशी जताई। बता दें कि युवराज ने इसी साल जून में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास का ऐलान कर दिया था।  

नई दिल्ली। पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने अपने रिटारयरमेंट पर बीसीसीआई (BCCI) के प्रति नाराजगी जाहिर की है। युवराज सिंह ने दावा किया कि इंटरनैशनल करियर के अंतिम पड़ाव में टीम मैनेजमेंट ने उन्हें निराश किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पूरा समर्थन मिला होता तो वह 2011 में शानदार प्रदर्शन के बाद एक और विश्व कप खेल सकते थे। टीम प्रबंधन और इससे जुड़े लोगों से मुझे मुश्किल से ही कोई सहयोग मिला। बाहर किए जाने पर हैरान था उन्होंने कहा, ‘लेकिन जो भी क्रिकेट मैंने खेला, वो अपने दम पर खेला। मेरा कोई ‘गॉडफादर’ नहीं था।’ युवराज ने कहा कि फिटनेस के लिए अनिवार्य ‘यो-यो टेस्ट’ पास करने के बावजूद उनकी अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन को उनसे पीछा छुड़ाने के तरीके ढूंढने के बजाय उनके करियर के संबंध में स्पष्ट बात करनी चाहिए था। युवराज ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे 2017 चैंपियंस ट्रोफी के बाद आठ से 9 मैच में से दो में मैन ऑफ द मैच पुरस्कार जीतने के बाद मुझे टीम से बाहर कर दिया जाएगा। मैं चोटिल हो गया और मुझे श्रीलंका सीरीज की तैयारी के लिए कहा गया।’ लोगों को लगा इस उम्र में 'यो-यो' टेस्ट पास नहीं कर पाऊंगा उन्होंने कहा, ‘अचानक ही मुझे वापस आना पड़ा और 36 साल की उम्र में ‘यो-यो टेस्ट’ की तैयारी करनी पड़ी। यहां तक कि ‘यो-यो टेस्ट’ पास करने के बाद मुझे घरेलू क्रिकेट में खेलने को कहा गया। उन्हें ऐसा लगा था कि मैं इस उम्र में इस टेस्ट को पास नहीं कर पाऊंगा। इससे उनके लिए मुझे बाहर करने में आसानी हो जाती।’ युवराज ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण था, क्योंकि जिस खिलाड़ी ने 15-16 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला हो, उसे आपको सीधे बैठकर बात करनी चाहिए। किसी ने भी मुझे कुछ नहीं कहा, न ही किसी ने वीरेंदर सहवाग या जहीर खान से ऐसा कहा।’   2019 का वर्ल्‍ड कप खेलना चाहते थे युवराज वर्ल्‍ड कप 2011 के मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा कि वह 2019 का वर्ल्‍ड कप खेलना चाहते थे। 2015 में भी जब उन्‍हें मौका नहीं मिला था तो उन्‍हें निराशा हुई थी उस समय भी उन्‍होंने रणजी ट्रॉफी में काफी रन बनाए थे। हालांकि उन्‍होंने सही समय पर रिटायरमेंट लेने के फैसले पर खुशी जताई। बता दें कि युवराज ने इसी साल जून में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास का ऐलान कर दिया था।