Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. अपराध
  3. कानपुर में नकली सीमेंट का बड़ा खेल! ACC और अंबुजा के नाम पर रोजाना 1000 नकली बोरियां बेचने का आरोप

कानपुर में नकली सीमेंट का बड़ा खेल! ACC और अंबुजा के नाम पर रोजाना 1000 नकली बोरियां बेचने का आरोप

By Kalpna Pandey 
Updated Date

कानपुर: घर को मजबूत बनाने के लिए लोग नामी कंपनियों की सीमेंट खरीदते हैं, लेकिन अगर उसी ब्रांड के नाम पर नकली या मिलावटी सीमेंट बेची जाए, तो घर की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां ACC और अंबुजा सीमेंट के नाम पर कथित तौर पर नकली सीमेंट तैयार कर बाजार में बेचने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में फैक्ट्री संचालक नीरज और धीरज गुप्ता समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।

पढ़ें :- मेरठ हत्याकांड: ‘जैसे बेटे को तड़पाया, वैसे ही तड़पे’, अमित की मां ने रविता-अमरदीप के लिए मांगी फांसी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कानपुर के पनकी इलाके में एक फैक्ट्री में खराब हो चुके सीमेंट को पीसकर असली सीमेंट के साथ मिलाया जाता था। इसके बाद तैयार माल को नामी कंपनियों की बोरियों में भरकर बाजार में उतारने की तैयारी की जाती थी। आरोप है कि इस पूरे खेल में असली सीमेंट की बोरियों का भी इस्तेमाल किया जाता था। वितरक के तौर पर सीमेंट मंगाकर उसमें से माल निकालने और फिर दूसरी सामग्री मिलाकर पैकिंग करने का तरीका अपनाया जा रहा था।

कंपनी को लंबे समय से पनकी क्षेत्र में अपने ब्रांड के नाम पर नकली सीमेंट बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद कंपनी की विजिलेंस टीम ने जांच की और पुलिस को जानकारी दी। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में ACC और अंबुजा के नाम वाली एक हजार से ज्यादा बोरियां मिलने की जानकारी सामने आई। मौके पर दो ट्रक भी खड़े थे, जिनमें मजदूर सीमेंट लाद रहे थे। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही फैक्ट्री संचालक और अन्य लोग फरार हो गए।

 

रिपोर्ट के अनुसार, इस सीमेंट की आपूर्ति कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं तक होने की आशंका जताई गई है। लखनऊ एयरपोर्ट से लेकर सीएम ग्रिड योजना तक नकली सीमेंट की सप्लाई होने की आशंका है। 

पढ़ें :- 13 साल छोटे देवर के साथ भाभी फंदे में लटकी, बंद कमरे में 8 साल के बेटे ने देखा...

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली पैकिंग कहां तैयार होती थी, सीमेंट किन डीलरों तक पहुंचाया गया और अब तक कितने ग्राहक इसकी चपेट में आए हैं। जांच के बाद ही इस कथित फर्जीवाड़े के वास्तविक दायरे का खुलासा हो सकेगा।

Advertisement