UP Politics: समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता राजकुमार भाटी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा नहीं करने की शपथ वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब उन्होंने हिंदू धर्म को लेकर अपनी बात रखी है। भाटी ने साफ कहा कि वह हिंदू हैं और आगे भी हिंदू ही रहेंगे। उन्होंने हिंदू धर्म को उदार बताते हुए भाजपा और आरएसएस पर इसे कट्टरता की ओर ले जाने का आरोप लगाया है।
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वीडियो वायरल होने के बाद क्यों शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, हाल ही में राजकुमार भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसमें वह कुछ लोगों के साथ हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानने और उनकी पूजा नहीं करने से जुड़ी शपथ के दौरान दिखाई दिए।
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का एक और वीडियो वायरल!
वायरल वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की प्रतिज्ञा लेते दिखने का दावा।
श्रीराम, श्रीकृष्ण और ब्रह्मा-विष्णु-महेश को लेकर कथित बयान चर्चा में।
20 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम का बताया जा रहा है वीडियो।
@samajwadiparty
#RajkumarBhati #SamajwadiParty #ViralVideo #UPPolitics #UttarPradesh #BreakingNews— India News UP/UK (@IndiaNewsUP_UK) October 21, 2026
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इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके बौद्ध धर्म अपनाने के दावे किए जाने लगे। हालांकि, भाटी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने न तो धर्म बदला है और न ही ऐसा करने का उनका कोई इरादा है।
‘हिंदू धर्म मुझे बोलने की आजादी देता है’
अब एक वीडिओ जारी कर भाटी ने कहा कि वह हिंदू धर्म का सम्मान करते हैं, क्योंकि इसमें विचार-विमर्श, शास्त्रार्थ और बहस की परंपरा रही है। उनके मुताबिक, भाजपा और आरएसएस हिंदू धर्म को कट्टर धर्म में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी विचारधारा दूसरों पर थोपना चाहते हैं और बोलने की आजादी पर पाबंदी लगाना चाहते हैं।
कल 20 अक्टूबर को दिल्ली के रानी झांसी मार्ग स्थित अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मैं मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित हुआ था । एक सच्चा समाजवादी होने के नाते मैं प्रत्येक धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय का सम्मान करता हूं और जो भी अपने कार्यक्रम में सम्मान के साथ आमंत्रित करता है उसमें सम्मिलित होता हूं । मैं सिख भाइयों के बुलावे पर गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहब को मत्था टेक कर भी आता हूं । मुस्लिम भाइयों के बुलावे पर उनकी मजलिस में भी शामिल होता हूं । हिंदू धर्म के तीज-त्योहारों में भी सम्मिलित होता हूं ।
बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति मेरा विशेष आकर्षण है और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं । बाबा साहब के विचारों का भी मेरे ऊपर गहरा प्रभाव है । लेकिन कल के कार्यक्रम के बाद बीजेपी आईटी सेल और अंधभक्त कट्टर वादियों ने सोशल मीडिया पर मेरे प्रति दुष्प्रचार कर रखा है कि मैंने हिंदू धर्म त्याग दिया है और धर्म परिवर्तन कर लिया है । मैं बाबा साहब की शिक्षा और गौतम बुद्ध के बताये उपदेशों का भरपूर समर्थन करते हुए यह गहरा विश्वास रखता हूं कि मुझे धर्म परिवर्तन करने की ना तो कोई आवश्यकता है ना ऐसा मेरा कोई इरादा है । हम किसी भी धर्म में रहकर मानवता की सेवा कर सकते हैं और भेदभाव, छुआछूत, घृणा, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ बोल सकते हैं ।
कृपया भाजपा आईटी सेल के दुष्प्रचार में न फंसे और कोई गलतफहमी न पालें धन्यवाद । जय भीम । नमो बुद्धाय ।— Rajkumar Bhati (@rajkumarbhatisp) October 21, 2026
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22 प्रतिज्ञाओं को लेकर बोले भाटी
देवी-देवताओं की पूजा नहीं करने से जुड़ी शपथ पर सफाई देते हुए भाटी ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह संबंधित कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन प्रतिज्ञाएं पढ़वा नहीं रहे थे। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति की धार्मिक मान्यता अलग होने का मतलब यह नहीं कि वह दूसरे धर्म का अपमान कर रहा है।
भाटी ने यह भी कहा कि वह गुरुद्वारों में जाते हैं, मुस्लिम समुदाय के मजलिस कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और नवरात्र में पूजा-पाठ भी करते हैं। उन्होंने खुद को सभी धर्मों का सम्मान करने वाला बताते हुए कहा कि राजनीति करने वाले व्यक्ति को हर जाति और धर्म का सम्मान करना चाहिए। अब इस पूरे विवाद के बीच उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया पर बहस जारी है।