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देवी-देवताओं को न मानने की शपथ के बाद, हिंदू धर्म का गुणगान करने लगे सपा नेता राजकुमार भाटी

By Kalpna Pandey 
Updated Date

UP Politics: समाजवादी पार्टी के नेता और प्रवक्ता राजकुमार भाटी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा नहीं करने की शपथ वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब उन्होंने हिंदू धर्म को लेकर अपनी बात रखी है। भाटी ने साफ कहा कि वह हिंदू हैं और आगे भी हिंदू ही रहेंगे। उन्होंने हिंदू धर्म को उदार बताते हुए भाजपा और आरएसएस पर इसे कट्टरता की ओर ले जाने का आरोप लगाया है।

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वीडियो वायरल होने के बाद क्यों शुरू हुआ विवाद?

दरअसल, हाल ही में राजकुमार भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसमें वह कुछ लोगों के साथ हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानने और उनकी पूजा नहीं करने से जुड़ी शपथ के दौरान दिखाई दिए।

 

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इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके बौद्ध धर्म अपनाने के दावे किए जाने लगे। हालांकि, भाटी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने न तो धर्म बदला है और न ही ऐसा करने का उनका कोई इरादा है।

‘हिंदू धर्म मुझे बोलने की आजादी देता है’

अब एक वीडिओ जारी कर भाटी ने कहा कि वह हिंदू धर्म का सम्मान करते हैं, क्योंकि इसमें विचार-विमर्श, शास्त्रार्थ और बहस की परंपरा रही है। उनके मुताबिक, भाजपा और आरएसएस हिंदू धर्म को कट्टर धर्म में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी विचारधारा दूसरों पर थोपना चाहते हैं और बोलने की आजादी पर पाबंदी लगाना चाहते हैं।

 

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22 प्रतिज्ञाओं को लेकर बोले भाटी

देवी-देवताओं की पूजा नहीं करने से जुड़ी शपथ पर सफाई देते हुए भाटी ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह संबंधित कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन प्रतिज्ञाएं पढ़वा नहीं रहे थे। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति की धार्मिक मान्यता अलग होने का मतलब यह नहीं कि वह दूसरे धर्म का अपमान कर रहा है।

भाटी ने यह भी कहा कि वह गुरुद्वारों में जाते हैं, मुस्लिम समुदाय के मजलिस कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और नवरात्र में पूजा-पाठ भी करते हैं। उन्होंने खुद को सभी धर्मों का सम्मान करने वाला बताते हुए कहा कि राजनीति करने वाले व्यक्ति को हर जाति और धर्म का सम्मान करना चाहिए। अब इस पूरे विवाद के बीच उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया पर बहस जारी है।

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