अमेठी। यूपी (UP )के अमेठी जिले (Amethi District) के मुसाफ़िरखाना विकास क्षेत्र के पलिया चंदापुर गांव स्थित महावीर स्वामी मंदिर (Mahavir Swami Temple ) के प्रति लोगों की आस्था जुड़ी है। यह मंदिर वर्षों से ही आस्था का केन्द्र रहा है।
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कुएं की खुदाई के मिली थी मूर्ति
महावीर स्वामी मंदिर (Mahavir Swami Temple ) के पुजारी शिव कुमार शुक्ला और सुरेंद्र कुमार शुक्ला के अनुसार,जमींदारी काल के दौरान पलिया चंदापुर गांव में सबसे बड़ी समस्या पानी की थी। तत्कालीन स्थानीय जमीदारों व लोगों ने गांव में कुंआ खोदने का फैसला किया। जब कुंए की गहरी खुदाई की गई तो एक मूर्ति निकली। लोगों ने मूर्ति को पास में स्थित एक इमली के पेड़ के नीचे रखवा दिया। जिसके बाद एक स्थानीय ग्रामीण ने मंदिर बनवाकर उसमें उस मूर्ति को स्थापित किया। तब से वहां के लोग महावीर स्वामी के नाम से पूजा करते हैं।
सरकार ने भवन-क्षेत्र को कराया था संरक्षित
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पलिया चंदापुर के पूर्व प्रधान रघुनाथ यादव ने बताया कि करीब 8-10 वर्ष पूर्व सरकार ने भवन क्षेत्र को संरक्षित कराया गया था। इसके साथ ही इसकी देखभाल के लिए चौकीदार की भी नियुक्त था। रिटायर मेंट होने के बाद चौकीदार अपने घर चला गया और यहां तार से बैरिकेट किया गया। पलिया चंदापुर के ग्राम प्रधान अशोक कुमार कन्नौजिया ने बताया कि गांव में स्थित महावीर स्वामी मन्दिर (Mahavir Swami Temple ) श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है मंदिर में क्षेत्रवासियों की अटूट श्रद्धा है। मंदिर में सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से सभी मन्नत पूरी होती है।
पुरातत्व विभाग नहीं दे रहा ध्यान
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई सालों से लगातार इस मंदिर की अनदेखी पुरातत्व विभाग (Archeology Department) द्वारा की जा रही है। लोगों ने विभाग से मंदिर के सौंदर्यीकरण कराने की मांग की है।
रिपोर्ट-राम मिश्रा