Gandhi Jayanti 2026 : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती (02 अक्टूबर) पर ‘सुधार उत्सव’ के रूप में ग्राम सभाएं आयोजित की जा रही हैं। जिसमें डबल इंजन सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों का एजेंडा एक साथ गांव तक पहुंचेगा। इस बीच, सीएम योगी आदित्यनाथ ने गांवों की बदहाली को लेकर पूर्व सरकारों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। जिन्होंने गांवों को सिर्फ अराजकता और जातिवाद की आग में झोंका, गांवों को केवल वोट बैंक समझा, उनकी राजनीति की वजह से गांव पीछे रह गए। हमारी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है।”
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम ने आगे कहा, “पिछले साढ़े नौ वर्षों में हमारी सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है। 57,600 ग्राम सचिवालयों में आज ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्राम वासियों को समस्त सुविधाएं गांव में मिल रही हैं। पंचायतों के कामकाज पारदर्शी और जवाबदेह हैं। ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।”
वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
जिन्होंने गांवों को सिर्फ अराजकता और जातिवाद…
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 2, 2026
उन्होंने कहा, “11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है। हमारे लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, महात्मा गांधी के सपनों के गांव और उसकी आत्मनिर्भरता का संकल्प है। सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।”