चमोली। उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) में दो दिन से हो रही बर्फबारी के कारण शुक्रवार दोपहर को यहां एक बड़ी तबाही मच गई। भारी बर्फबारी के बाद ग्लेशियर टूट (Glacier Burst) गया। इससे 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए। हालांकि, 10 मजदूरों को बचा लिया गया है।
पढ़ें :- एपस्टीन के साथ मंत्री हरदीप पुरी की तस्वीरें वायरल, मंत्री बोले थे- अकेले कभी नहीं मिला: कांग्रेस ने पूछा- डेलिगेशन के बाकी सदस्य कहां हैं
जनपद चमोली में माणा गांव के निकट BRO द्वारा संचालित निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन की वजह से कई मजदूरों के दबने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
ITBP, BRO और अन्य बचाव दलों द्वारा राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है।
भगवान बदरी विशाल से सभी श्रमिक भाइयों के सुरक्षित होने की…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 28, 2025
पढ़ें :- Shiva Sharma Murder Case : श्रद्धा दुबे समेत तीनों आरोपियों को कोर्ट ने 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा, नागपुर से लखनऊ लेकर रवाना पुलिस
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बीच शुक्रवार को भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र में माणा कैंप के पास भारी हिमस्खलन हुआ है। इस दौरान वहां निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर बर्फ में दब गए। आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि अब तक 10 मजदूरों को निकाल लिया गया है। वहीं, तीन लोगों को आईटीबीपी व सेना की मदद से सेना अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अन्य की तलाश जारी है।
क्षेत्र में मौसम खराब होने के चलते संचार सेवा ठप पड़ी है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि माणा और माणा पास के बीच हिमस्खलन होने से मजदूरों के दबने की सूचना है। एयर फोर्स से मदद मांगी जा रही है। सेना, आईटीबीपी रेस्क्यू में लगी है। एनडीआरएफ की टीम को भी मूव कर दिया गया है।