Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. BRICS समिट: सात साल बाद भारत आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, 400 लोगों का दल भी होगा साथ

BRICS समिट: सात साल बाद भारत आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, 400 लोगों का दल भी होगा साथ

By Sushil Sah 
Updated Date

नई दिल्ली। भारत में अगले महीने ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन होने वाली है, जिसको लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस महामंच में हिस्सा लेने के लिए अगले महीने संभवत: नई दिल्ली का दौरा भी कर सकते हैं। यदि यह दौरा आधिकारिक रूप से तय होता है, तो पिछले सात वर्षों में शी चिनफिंग की यह पहली भारत यात्रा होगी।

पढ़ें :- स्वामी प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान, बोले- यूपी में इंडिया गठबंधन की बनेगी सरकार, बीजेपी की तानाशाही से नहीं दबेगी विपक्ष की आवाज

2019 के मुकाबले दोगुना बड़ा होगा प्रतिनिधिमंडल

सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस बार चीनी राष्ट्रपति के साथ लगभग 400 अधिकारियों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल भारत आ सकता है। यह संख्या साल 2019 में महाबलीपुरम में हुए अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक है, जब उनके साथ केवल 200 अधिकारी आए थे। नई दिल्ली के प्रमुख होटलों में चीनी राजनयिकों और अधिकारियों की टीमों नेबुकिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर पहले ही तैयारियां शुरू कर दी हैं।

भारत-चीन संबंधों के लिहाज से बेहद अहम दौरा

आपको बता दें कि साल 2020 में गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के बाद से भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों में काफी तनाव देखा गया है। ऐसे हालात में शी चिनफिंग की यह संभावित यात्रा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को सुधारने की दिशा में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकती है।

पढ़ें :- Hospital Medicine Scam : 74 रुपये MRP का इंजेक्शन बिकता है 4980 रुपये, FSDA की जांच में चौंकाने वाला खुलासा, जनता से हो रही लूट पर सरकार कब कसेगी शिकंजा?

सितंबर में सजेगा ब्रिक्स का मंच

देश की राजधानी नई दिल्ली में भारत इस वर्ष 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। इस समिट में चीन के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ​सहित कई अन्य वैश्विक नेताओं के शामिल होने की भी उम्मीद है। हालांकि, चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से अभी तक शी चिनफिंग के इस दौरे की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं बीजिंग ने साफ किया है कि वह ब्रिक्स सहयोग को काफी महत्व देता है और सफल आयोजन के लिए मेजबान देश भारत का पूरा समर्थन करता है।

Advertisement