लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तरी क्षेत्रीय कार्यशाला ‘साधना शृंखला’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह भी शामिल हुए। कार्यशाला में सरकारी कार्मिकों के प्रशिक्षण में देश में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों तथा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश के विभागों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर सीएम योगी ने तीन बड़ी घोषणाएं कीं। जिनमें RUPAAM को एआई सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के रूप में विकसित करने, पंचायतें और अर्बन बॉडीज के कार्मिकों की कैपिसिटी बिल्डिंग और ‘सही पद के लिए सही अधिकारी’ के प्रस्ताव शामिल रहे।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मैं तीन प्रकार की घोषणाएं यहां पर करना चाहूँगा। खास तौर पर यूपी एआई मिशन के अंतर्गत मैं कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन से कहूंगा कि उत्तर प्रदेश में कैपिसिटी बिल्डिंग के लिए हमारा जो RUPAAM (डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी) है उसको एआई सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है उस दिशा में कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन आगे प्रयास करेगा तो RUPAAM उसके लिए अपने-आपमें तैयार होगा। दूसरा, हमारी जो पंचायतें और अर्बन बॉडीज हैं …. उनके कार्मिकों की भी कैपिसिटी बिल्डिंग के प्रयास की आवश्यकता है। अगर विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें आत्मनिर्भरता के उस लक्ष्य को ग्राम पंचायतों और नगर निकायों पर भी लागू करना पड़ेगा। ये नींव के पत्थर हैं और नींव के पत्थरों को और मजबूत करना होगा। वहां उनकी जवाबदेही भी तय करनी होगी और उन्हें नागरिक केंद्रित बनाना पड़ेगा।”
सीएम योगी ने आगे कहा, “तीसरा, ‘द राइट पर्सन फॉर द राइट रोल’ यानी सही पद के लिए सही अधिकारी। कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन इस दिशा में RUPAAM के साथ मिलकर करके हर कार्मिक और अधिकारी के लिए उसकी सक्सेस स्टोरी और उसके ACR के साथ जोड़ करके, प्रमोशन के साथ जोड़े और उसको सही स्थान पर जगह मिले- इसको उसके साथ जोड़ेंगे तो हमें नियुक्ति की प्रक्रिया में और आसानी होगी।”
इन तीनों घोषणाओं के महत्त्व
1- RUPAAM को एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकास
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डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM) को ‘एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने से सरकारी अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा-संचालित नीति निर्माण की आधुनिक ट्रेनिंग मिल सकेगी। कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन के सहयोग से RUPAAM उत्तर प्रदेश के पूरे प्रशासनिक अमले को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार (Future-Ready) करेगा।
2- स्थानीय निकायों का सशक्तिकरण
ग्राम पंचायतें और नगर निकाय शासन की सबसे निचली और महत्वपूर्ण कड़ियां हैं। इनके कार्मिकों की कैपेसिटी बिल्डिंग से स्थानीय स्तर पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होगा। इस कदम से स्थानीय अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकारी सेवाएं पूरी तरह से नागरिक केंद्रित (Citizen-Centric) बन सकेंगी।
3- सही पद के लिए सही अधिकारी (द राइट पर्सन फॉर द राइट रोल)
अधिकारियों के वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन (ACR) और उनकी वास्तविक सफलताओं (Success Stories) को कैपेसिटी बिल्डिंग के साथ जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था से प्रमोशन और ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, योग्यता-आधारित (Merit-based) और आसान हो जाएगी, जिससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यकुशलता कई गुना बढ़ जाएगी।