Lucknow : यूपी में सरकारी स्कूलों की बदहाल व्यवस्था और मिड डे मील में खराब खाने के दावे से जुड़े कई वीडियो हाल में सामने आए। अब प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुआ कहा है कि रसोई में किसी बाहरी को न आने दें। उन्होंने कहा कि इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। फूड प्वॉइजनिंग भी नहीं होनी चाहिए। दुश्मन ऐसा काम न कर पाए, जिससे आप संदेह के घेरे में आएं। छिपकली व कीड़ा खाने में न गिरे, यह जीवन के साथ खिलवाड़ होगा।
पढ़ें :- यूपी के सरकारी स्कूलों में नवंबर से बदलेगा मिड-डे मील का मेन्यू, हर शुक्रवार बच्चों को मिलेगा हलवा या उपमा
दरअसल, सीएम योगी की मौजूदगी में स्कूलों में कार्यरत रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा दिए जाने के लिए एक समझौता पत्र (MoU) हस्ताक्षर किया गया। इसके तहत रसोइयों को दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा होगा। इस मौके पर लखनऊ के इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित एक समारोह में सीएम ने 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड, चेक व परिधान किट तथा बढ़े हुए मानदेय का चेक भेंट किया। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के 1.42 लाख विद्यालयों में डेढ़ करोड़ बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों को अलग-अलग दिन अलग-अलग प्रकार का आहार देना है। विद्यालय में रसोई साफ-सुथरी रहे, बच्चों को समय पर स्वच्छता के साथ साप्ताहिक मेन्यू के अनुरूप पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं। इससे आपका सम्मान बढ़ेगा।
सीएम ने कहा कि रसोई केवल बच्चे का पेट भरने वाला भोजन नहीं, बल्कि बचपन को स्वस्थ व समर्थ बनाने का अभियान भी है। आप देश के बचपन को स्वस्थ बनाते हैं, लेकिन आपके स्वास्थ्य की चिंता नहीं होती थी। प्रदेश सरकार ने भी सुनिश्चित किया कि रसोइया या उसके परिवार का कोई व्यक्ति अस्वस्थ होता है तो वह सरकारी अस्पताल समेत किसी भी इन्पैनल्ड अस्पताल में इलाज करा सकता है।
रसोई में किसी बाहरी को न घुसने दें pic.twitter.com/HsKwp3rbIl
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) August 24, 2026
पढ़ें :- झांसी: पुलिस लाइन के सामने नग्न होकर किया हंगामा, मुकदमा दर्ज कराने की जिद में सड़क पर उतरे किन्नर
कार्यक्रम में सीएम योगी ने उन वीडियो पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें कथित तौर पर स्कूलों के जर्जर भवन दिखाये गए थे। उन्होंने कहा, ‘आजकल कुछ लोग जर्जर भवनों की तस्वीर सोशल मीडिया पर दिखा रहे हैं। जिन लोगों के इशारे पर ये दिखा रहे हैं ना वे उन्हीं के स्मारक हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे विद्यालय प्रोजेक्ट अलंकार के तहत बने हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत हमने पुराने और जर्जर भवनों को नए भवन में बदलने का काम किया है।’