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दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को 14 शर्तें पूरी करने हिदायत देते हुए रामलीला मैदान में रैली की दी अनुमति, पार्टी ने प्रशासन पर लगाया बाधा डालने का आरोप

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के आयोजन को लेकर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उसे 1 नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस की तरफ से मंगलवार की शाम को यह स्पष्टीकरण तब आया जब कांग्रेस ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने उसे उस कार्यक्रम को आयोजित करने को लेकर अनुमति नहीं दी है, जिसमें ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की पार्टियां 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली अपनी रैली से पहले CEC ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रही थीं।

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जिसके बाद इस बारे में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की तरफ से एक बयान जारी करते हुए बताया गया कि, ‘1 नवंबर को रैली आयोजित करने के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान बुक करने हेतु जारी की गई अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की अनुमति अभी भी बरकरार है। साथ ही पत्र में कहा गया कि कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते नीचे दी गई शर्तों का पालन किया जाए और जमीन के मालिक प्राधिकरण से पूर्व अनुमति ले ली जाए।

इससे पहले इस रैली को लेकर पुलिस ने कांग्रेस पार्टी मुख्यालय के प्रभारी और CWC के स्थायी आमंत्रित सदस्य मनीष चतरथ के नाम पर जारी एक NOC लेटर जारी किया था। जिसमें उसने करीब 14 शर्तों को रखते हुए कांग्रेस को इस विरोध-प्रदर्शन के आयोजन की अनुमति दे दी थी।

दिल्ली पुलिस ने निम्न शर्तों के साथ दी कांग्रेस को कार्यक्रम की अनुमति:

1. इस तरह के आयोजनों से संबंधित सभी कानूनों और नियमों का पालन करना होगा।

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2. एकत्रित लोगों को नियंत्रित रखने और किसी भी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था में व्यवधान को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाना।

3. रामलीला मैदान के प्रवेश/निकास द्वारों, मंच, आसपास के सभी क्षेत्रों और बैठने की जगहों सहित सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त संख्या में हाई-डेफिनिशन (HD) कैमरे लगाने होंगे। इनमें रिकॉर्डिंग सुविधा, मॉनिटरिंग सिस्टम (कम से कम 5 स्क्रीन) और एक CCTV कंट्रोल रूम होना जरूरी।

4. प्रतिभागियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर और शौचालय (महिला प्रतिभागियों के लिए अलग) उपलब्ध कराने होंगे।

5. रैली के सुचारू संचालन के लिए कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) को तैनात करना होगा, जिन्होंने एक जैसी पोशाक पहनी हो या एक समान बैज लगाए हों।

6. यह सुनिश्चित करना होगा कि रैली 1 नवंबर को शाम 5 बजे समाप्त हो जाए। इसके बाद लोगों का वहां से जाना शुरू हो जाएगा और किसी भी परिस्थिति में समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी।

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7. यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रतिभागी किसी भी स्थिति में रैली से पहले या बाद में रामलीला मैदान में रात को नहीं रुकेंगे।

8. यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी बसें, कारें, टेम्पो और अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहन केवल उसी स्थान पर पार्क किए जाएं, जो ट्रैफिक यूनिट द्वारा निर्धारित किया गया हो।

9. यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रस्तावित रैली शांतिपूर्ण होगी और प्रतिभागियों द्वारा किसी भी प्रकार का उपद्रवी, अभद्र या कट्टर व्यवहार न किया जाएगा।

10. क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए, स्थानीय कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, पुलिस विभाग के साथ पूरा सहयोग करना होगा। साथ ही, ACP/SHO कमला मार्केट या ड्यूटी पर तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। यह भी स्वीकार करना होगा कि इस वचन का उल्लंघन करने पर आयोजक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

11. यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी वक्ता जाति, धर्म या रंग के बारे में ऐसी कोई बात न कहे, जिससे क्षेत्र की सामाजिक सद्भावना, शांति और व्यवस्था बिगड़े।

12. यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि कोई भड़काऊ या डराने-धमकाने वाला भाषण दिया जाता है, तो तुरंत PA सिस्टम बंद कर दिया जाएगा और आयोजक द्वारा ऐसे वक्ता को मंच से हटा दिया जाएगा।

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13. यह सुनिश्चित करना होगा कि रामलीला मैदान के अलावा किसी अन्य जगह की ओर कोई मार्च (जुलूस) नहीं निकाला जाएगा।

14. आमंत्रित लोगों और स्वयंसेवकों की सूची, कार्यक्रम का विस्तृत विवरण (मिनट-दर-मिनट), और बसों की संख्या तथा उनके रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराने होंगे।

सेंट्रल दिल्ली के डिप्टी पुलिस कमिश्नर की तरफ से जारी इस पत्र में साथ ही यह हिदायत भी दी गई कि पुलिस अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दिए गए सभी निर्देशों/दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। ऐसा न करने पर, यह अनुमति किसी भी समय रद्द की जा सकती है।

कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाया था बाधा डालने का आरोप

इससे पहले कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर शेयर की एक पोस्ट में दावा किया कि अशोक होटल ने पहले कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी थी, लेकिन बाद में मना कर दिया। उन्होंने बताया कि ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के 21 दलों ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली से पहले, 30 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘सार्वजनिक महाभियोग’ का कार्यक्रम तय किया था। यह रैली ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर आयोजित की जा रही है।

‘पहले चुनाव व्यवस्था को बर्बाद किया, अब हर हथकंडे अपना रहे’

अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पहले उन्होंने चुनावी व्यवस्था को बर्बाद किया, और अब वे हमारे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ने वालों की आवाज दबाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। वेणुगोपाल ने आगे कहा कि यह बात बिल्कुल साफ है कि चाहे कुछ भी हो जाए, हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक मोदी-शाह के कठपुतली ज्ञानेश कुमार को हटा नहीं दिया जाता। अगर वे हमें यहीं रोकते हैं, तो हम अमित शाह के घर और प्रधानमंत्री मोदी के घर जाएंगे और वहां जोरदार धरना देंगे।’

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अपनी पोस्ट में उन्होंने आगे कहा,कि हम आखिरी दम तक लड़ेंगे, और तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हमारा मकसद पूरा नहीं हो जाता। यह प्रस्तावित रैली, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा CEC कुमार के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है। वे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) और चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

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