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Flydubai Pilot Attack: ‘कैप्टन सोना मत… हमें आपकी जरूरत है’, करीब 45 मिनट तक कैप्टन को बचाने में जुटे रहे इजरायली डेंटिस्ट, बताया आंखों देखा हाल

By Sushil Sah 
Updated Date

दुबई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में पिछले माह 30 सितंबर को हुए खौफनाक हमले के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की जान बचाने में एक यात्री डेंटिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। इजरायल निवासी डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव ने करीब 45 मिनट तक कैप्टन का प्राथमिक उपचार किया। इस दौरान डेंटिस्ट ने कैप्टन को होश में रखने की कोशिश भी लगातार करते रहे।

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बता दें कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में कथित तौर पर को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया। इस हमले में कैप्टन के सिर, गर्दन और हाथों पर भी गंभीर चोटें आईं। साथ ही काफी खून बहने लगा। घटना के बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की, जबकि डॉ. मुसायेव कैप्टन की ओर पहुंचे।

‘सोना मत, हमें आपकी जरूरत है’

डॉ. मुसायेव ने बताया कि कैप्टन के सिर और हाथ से लगातार खून बह रहा था। विमान में मेडिकल संसाधन सीमित होने के कारण उन्होंने टी-शर्ट और बर्फ के पैकेट का इस्तेमाल कर घावों पर दबाव बनाया। उन्होंने करीब 45 मिनट तक इसी तरह ब्लीडिंग नियंत्रित करने की कोशिश की। इस दौरान डेंटिस्ट लगातार कैप्टन से बातचीत करते रहे ताकि वह बेहोश न हों। इसके अलावा उन्होंने उनसे उनके बच्चों और परिवार के बारे में पूछा और कहा— ‘डरो मत, आप अपने परिवार के पास वापस जाएंगे, हम जल्द लैंड करने वाले हैं।’

एक वक्त बेहद कम हो गई थी नब्ज

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मुसायेव के मुताबिक, कैप्टन की पल्स एक समय काफी कम हो गई थी। इसलिए उन्होंने उनके पैर ऊपर उठाए, जिसके बाद उनकी पल्स वापस आई। जैसे ही उन्होंने कैप्टन के होंठ नीले पड़ते देखे तो उन्होंने क्रू से जल्द से जल्द लैंडिंग कराने को कहा, क्योंकि उन्हें लगा कि कैप्टन के पास ज्यादा समय नहीं है।

कैप्टन ने दर्द बयां करते हुए मदद मांगी और कहा कि वह मरना नहीं चाहते। डॉ. मुसायेव ने उन्हें थोड़ा-थोड़ा करके पानी दिया। जबकि भारी ब्लीडिंग के कारण उन्होंने दर्द की गोली देने से परहेज किया। उनका कहना था कि कैप्टन को हिलाने या अनावश्यक दवा देने से स्थिति और खराब हो सकती थी।

सऊदी अरब में हुई इमरजेंसी लैंडिंग

आपको बता दें कि इस हमले के बाद विमान को डायवर्ट कर सऊदी अरब के ताबुक में उतारा गया। वहां पर कैप्टन मच्छार को मेडिकल टीम को सौंप दिया गया। डॉ. मुसायेव ने कहा कि इस पूरी घटना में सिर्फ उन्होंने नहीं, बल्कि विमान में मौजूद कई यात्रियों और क्रू सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई। साथ ही मुसायेव ने कैप्टन मच्छार को ही असली हीरो बताते हुए कहा कि उन्होंने यात्रियों की जान बचाई और यात्रियों ने उनकी जान बचाने की कोशिश की। उनके मुताबिक, यदि समय पर मेडिकल मदद नहीं मिलती तो ज्यादा खून बहने के कारण कैप्टन की जान जोखिम में पड़ सकती थी।

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