नई दिल्ली। कांग्रेस सेवा दल (Congress Seva Dal) ने रिटायर्ड भारतीय वायुसेना अधिकारी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अनूप वर्मा (Former IAF officer Anoop Verma) के खिलाफ साइबर शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi, Leader of the Opposition in the Lok Sabha) की तुलना 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दोषी अजमल कसाब (Ajmal Kasab) से की।
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अनूप वर्मा (Anoop Verma) ने मंगलवार को X पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और अजमल कसाब (Ajmal Kasab) की तस्वीरों वाला एक कोलाज शेयर किया था। तस्वीरों में राहुल गांधी और कसाब बैग लिए नजर आ रहे थे। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि बाईं ओर मौजूद व्यक्ति भारत के लिए कहीं ज्यादा खतरनाक है। कोलाज में बाईं ओर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की तस्वीर थी।
With all conviction, I can tell you guys
The person on left is far more dangerous for Bharat pic.twitter.com/pe7TkzqnSJ
— Flt Lt Anoop Verma (Retd.)
(@FltLtAnoopVerma) September 28, 2026 पढ़ें :- यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं, SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा और बाकी 727 नाम काट दिए गए: राहुल गांधी
इस पोस्ट के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस सेवा दल की लीगल सेल ने मामले को लेकर साइबर शिकायत की है और कहा है कि वह इसे उचित कानूनी माध्यमों से आगे बढ़ाएगी।
कांग्रेस सेवा दल ने क्या कहा?
कांग्रेस सेवा दल की लीगल सेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं या सदस्यों को निशाना बनाने वाली किसी भी दुर्भावनापूर्ण या गैरकानूनी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने कहा कि वह ऐसे हर गैरकानूनी कृत्य को चुनौती देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें संवैधानिक पदों को बदनाम करने, कांग्रेस नेताओं की मानहानि करने या लोकतांत्रिक असहमति को आतंकवाद के बराबर बताने की कोशिश की जाती है।
कांग्रेस सेवा दल ने संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख किया। साथ ही कहा कि इस स्वतंत्रता पर कानून के तहत कुछ प्रतिबंध लागू होते हैं। लीगल सेल के मुताबिक, वह संविधान, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लागू साइबर कानूनों के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा लेगी। संगठन ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है और उचित कानूनी प्रक्रिया के जरिए जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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रिटायर्ड IAF अधिकारी ने भी जताई आपत्ति
अनूप वर्मा की पोस्ट पर रिटायर्ड भारतीय वायुसेना अधिकारी सार्जेंट कर्मवीर सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की तुलना एक दोषी आतंकवादी से की जा रही है और बताया कि इस मामले में साइबर शिकायत दर्ज की गई है। सिंह ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सम्मान और शालीनता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने वर्मा की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता की आलोचना की जा सकती है, लेकिन इस तरह की तुलना नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में गहरे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस स्तर तक गिरना बुनियादी मानवीय शालीनता और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाता है।
कर्मवीर सिंह ने ‘मैथ्यू वैनडाइक’ मामले का भी किया जिक्र
दिल्ली की एक अदालत ने 18 सितंबर को वैनडाइक को डिफॉल्ट जमानत दी थी। अदालत के सामने यह बात आई थी कि NIA की चार्जशीट में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धाराएं थीं, लेकिन UAPA की धाराएं शामिल नहीं थीं। अदालत ने माना कि तय कानूनी अवधि के भीतर जांच पूरी नहीं हुई थी। जमानत मिलने बाद सभी विदेशी आरोपी भारत छोड़कर जा चुके हैं। कर्मवीर सिंह ने वैनडाइक मामले का हवाला देते हुए अनूप वर्मा पर ‘चुनिंदा देशभक्ति’ का आरोप लगाया।
कौन था अजमल कसाब?
अजमल कसाब नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों के दौरान जिंदा पकड़ा गया एकमात्र आतंकी था। 26 से 29 नवंबर के बीच मुंबई में हुए इन हमलों में 10 आतंकियों ने समन्वित तरीके से हमले किए थे। इस दौरान 166 लोगों की मौत हुई थी और 238 लोग घायल हुए थे। सुरक्षा बलों ने कसाब को जिंदा पकड़ लिया था, जबकि अभियान के दौरान बाकी नौ हमलावर मारे गए थे।
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मुंबई की विशेष अदालत ने कसाब को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा। 29 अगस्त 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अपील खारिज करते हुए मौत की सजा की पुष्टि कर दी थी। कसाब को हत्या और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने समेत कई अपराधों में दोषी ठहराया गया था। कांग्रेस सरकार के दौरान 21 नवंबर 2012 को पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में उसे फांसी दे दी गई।