Ganesha Stotram : देश भर में घूम धाम से गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी, 10 दिनों तक गणेश उत्सव मनाया जाता है। इस पर्व पर पूरे विधि विधान प्रथम पूज्य भगवान भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है और साथ ही घर में गणपति जी की स्थापना की जाती है। भक्त 1, 3, 5, 7 या 10 दिनों तक घर में गणपति जी को विराजमान करते हैं। धर्म शास्त्रों में वर्णित है कि जो पूरे मनोयोग से भगवान गणेश की आराधना करता है उसके जीवन की सारी बाधाएं दूर हो जाती है। शास्त्रों की मानें तो आपको गणेश उत्सव के 10 दिनों में प्रतिदिन गणेश स्तोत्र का पाठ भी अवश्य करना चाहिए।
पढ़ें :- Shardiya Navratri Maa Katyayani : संसार में संतुलन और धर्म स्थापना के लिए करें मां कात्यायनी की पूजा, अंतर्ज्ञान का केंद्र हैं
गणेश स्तोत्र
भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए गणेश स्तोत्र का पाठ किया जाता है। नारद पुराण के अनुसार, जो भी व्यक्ति प्रतिदिन गणेश स्तोत्र का पाठ करता है उसकी बौद्धिक क्षमता का विकास होता है, सौभाग्य की उसे प्राप्ति होती है।
विघ्न-बाधाओं से मुक्ति
इसके साथ ही मनोवांछित फल पाने के लिए भी यह स्तोत्र आप प्रतिदिन पढ़ सकते हैं। जीवन में आ रही विघ्न-बाधाओं से मुक्ति पाना चाहते हैं तो गणेश स्तोत्र का पाठ आपको अवश्य करना चाहिए।
विवेक शक्ति का भी विकास
विद्यार्थियों के लिए इस स्तोत्र का पाठ करना काफी लाभदायक सिद्ध हो सकता है, गणेश स्तोत्र का पाठ करने से विद्यार्थियों को शिक्षा क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है और साथ ही आपकी विवेक शक्ति का भी विकास होता है।