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केरल में डॉक्टर्स ने नौ साल की लड़की के पेट से निकाला 1 किलो बालों का गुच्छा, एक अजीब बीमारी से जूझ रही थी बच्ची

By Abhimanyu 
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Rapunzel Syndrome : केरल के तिरुवनंतपुरम में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एक दुर्लभ सर्जरी के ज़रिए नौ साल की लड़की के पेट और छोटी आंत से एक किलो बालों का गुच्छा निकाला गया। लड़की को ‘रॅपन्ज़ेल सिंड्रोम’ था और उसकी सर्जरी पास के नेय्यात्तिनकारा में NIMS मेडिसिटी में हुई।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तिरुवनंतपुरम (केरल) के नेय्यातिनकारा की रहने वाली नौ साल की एक बच्ची के पेट से एक किलो वज़न का बालों का ठोस गोला (हेयरबॉल) निकालने के लिए एक दुर्लभ सर्जरी की गई। बच्ची को लंबे समय से पेट दर्द और लगातार उल्टी की समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेडिकल जांच से पता चला कि उसे पाचन से जुड़ी एक बेहद दुर्लभ बीमारी थी, जिसके दुनिया भर में 100 से भी कम मामले सामने आए हैं।

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ‘रॅपन्ज़ेल सिंड्रोम’ नाम की यह बीमारी आमतौर पर 13 से 19 साल की उम्र की लड़कियों को प्रभावित करती है। यह पाचन से जुड़ी एक ऐसी समस्या है जो मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति के कारण होती है। इसका नाम ‘रॅपन्ज़ेल’ नाम की मशहूर परी-कथा की लंबे बालों वाली राजकुमारी के नाम पर रखा गया है। यह ट्राइकोफेजिया (बाल खाने की ज़बरदस्त इच्छा) और ट्राइकोटिलोमेनिया (बाल खींचने की बीमारी) से जुड़ी है।

यह व्यवहार अक्सर गंभीर भावनात्मक तनाव, एंग्जायटी या मन में गहराई तक बैठी असुरक्षा जैसी मानसिक वजहों से शुरू होता है, जिसके कारण बच्चे अनजाने में ही अपने बाल खींचकर निगलने लगते हैं। रैपुन्ज़ेल सिंड्रोम के लक्षण में उल्टी, जी मिचलाना, पेट में दर्द और ऐंठन, पेट फूलना, दस्त, मुँह से बदबू आना, भूख न लगना, कब्ज़ और वज़न कम होना शामिल हैं। क्योंकि इंसानी बाल शरीर में पच नहीं पाते, इसलिए ये महीनों या सालों तक हमारे पाचन तंत्र में धीरे-धीरे जमा होते रहते हैं।

केरल की इस युवा मरीज़ के मामले में, निगले गए बालों ने एक घना और सख्त गोला बना लिया था, जिसने उसकी आंतों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया। इससे उसे बहुत ज़्यादा तकलीफ़ हुई, लगातार उल्टियाँ हुईं और वह सामान्य रूप से खाना नहीं पचा पा रही थी।

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