Warren Buffett’s son Howard : दुनिया के सबसे बड़े निवेश गुरु वॉरेन बफे ने अपनी खरबों डॉलर की अपनी कंपनी का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। इसके साथ ही, 1 ट्रिलियन डॉलर की इस कंपनी की कमान संभालने का उनका छह दशक लंबा दौर खत्म हो रहा है। उन्होंने अपने बड़े बेटे हावर्ड ग्राहम बफे (Howard Graham Buffett) को बर्कशायर हैथवे का चेयरमैन बना दिया है। 96 साल के मशहूर इन्वेस्टर ने शुक्रवार को शेयरहोल्डर्स को लिखे एक लेटर में इस कदम का ऐलान किया। बफे तुरंत प्रभाव से चेयरमैन एमेरिटस बन जाएंगे, साथ ही बर्कशायर के बोर्ड में डायरेक्टर भी बने रहेंगे। करीब 33 साल से कंपनी के बोर्ड से जुड़े हावर्ड अब उनकी बनाई संस्कृति और कामकाज के तरीकों को आगे बढ़ाने पर फोकस करेंगे।
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1930 में अमेरिका के नेब्रास्का राज्य के ओमाहा में जन्मे बफेट अमेरिकी कांग्रेसी हॉवर्ड बफेट के बेटे हैं। उन्होंने 11 साल की उम्र में अपना पहला स्टॉक खरीदा था केवल 13 साल की उम्र में अपना पहला टैक्स रिटर्न फाइल कर दिया था। एक स्कूली छात्र के रूप में, उन्होंने न्यूजपेपर, च्यूइंग गम और कोका-कोला बेचा। किशोरावस्था तक वे छोटे बिजनेस से लगातार कमाई भी कर रहे थे।
हावर्ड शुरुआत से ही बिजनेसमैन या अपने पिता के साथ काम नहीं करते थे। हावर्ड अपने पिता की कंपनी में जुड़ने से पहले एक किसान थे, वह भी कोई छोटे-मोटे किसान नहीं हजारों एकड़ जमीन पर खेती करने वाले किसान थे। इतना ही नहीं, उन्होंने करियर की शुरुआत एक पुलिस शेरिफ के तौर पर की थी। इसके बाद उन्होंने वार फोटोग्राफर के तौर पर भी काम किया। हावर्ड कोई बड़ी कंपनी चलाने के बजाय 1 अरब डॉलर यानी करीब 9.6 हजार करोड़ रुपये का एक एनजीओ चलाते थे।