नई दिल्ली। वाशिंगटन पोस्ट के तरफ से लगाए गए आरोप कि एलआईसी के निवेश निर्णय बाहरी कारकों से प्रभावित होते हैं, झूठे, निराधार और सत्य से कोसों दूर हैं। लेख में उल्लिखित ऐसा कोई दस्तावेज़ या योजना एलआईसी के तरफ से कभी तैयार नहीं की गई है, जो अदानी समूह की कंपनियों में एलआईसी के तरफ से धन निवेश करने का रोडमैप तैयार करे।
पढ़ें :- Police Commemoration Day 2026 : सीएम योगी, बोले-शहीदों के प्रति राष्ट्र का ऋण कोई भी नहीं चुका सकता
एलआईसी में निवेश संबंधी निर्णय विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद बोर्ड के तरफ से अनुमोदित नीतियों के अनुसार स्वतंत्र रूप से लिए जाते हैं। वित्तीय सेवा विभाग या किसी अन्य निकाय की ऐसे निर्णयों में कोई भूमिका नहीं होती है। एलआईसी ने जांच-पड़ताल के उच्चतम मानकों का पालन किया है और इसके सभी निवेश निर्णय मौजूदा नीतियों, अधिनियमों के प्रावधानों और नियामक दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, इसके सभी हितधारकों के सर्वोत्तम हित में लिए गए हैं। लेख में दिए गए ये कथित बयान एलआईसी की सुस्थापित निर्णय प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने और एलआईसी की प्रतिष्ठा और छवि तथा भारत में वित्तीय क्षेत्र की मज़बूत नींव को धूमिल करने के इरादे से दिए गए प्रतीत होते हैं।