लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज कैसरबाग स्थित जिला कोर्ट के बाहर वकीलों के चैंबरों को बुलडोजर से ढहा दिया गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद, नगर निगम ने वकीलों के 200 से अधिक चैंबरों को गिराने की कार्रवाई की, जिन्हें कथित तौर पर अवैध रूप से बनाया गया था। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया था।
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लखनऊ नगर निगम की इस कार्रवाई का विरोध भी देखने को मिला जब वकील सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं। चैंबरों को गिराए जाने से वकीलों में नाराजगी जतायी। जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गयी थी। इस दौरान पुलिस ने उन्हे समझाने का भी प्रयास किया। इस दौरान नाराजगी जाहिर करते लखनऊ सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व संयुक्त सचिव, अधिवक्ता एस.डब्ल्यू. बारी ने मीडिया से कहा, “हमारे चैंबर हमारी आँखों के सामने तोड़े जा रहे हैं। अगर आपका अपना घर आपके सामने तोड़ा जा रहा होता, तो आपको कैसा लगता? यह पूरी तरह से मनमानी और ज़बरदस्ती है। वे हमें खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। हम अपने चैंबर दूसरी जगह ले जाने के लिए तैयार हैं—हम खुशी-खुशी ऐसा करने को भी तैयार हैं—लेकिन उन्हें हमें काम करने के लिए कोई दूसरी जगह तो देनी होगी…”