Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Nag Panchami 2025  :  नाग पंचमी पर करें इस शक्तिशाली मंत्र का जप , माना गया है बेहद लाभका

Nag Panchami 2025  :  नाग पंचमी पर करें इस शक्तिशाली मंत्र का जप , माना गया है बेहद लाभका

By अनूप कुमार 
Updated Date

Nag Panchami 2025  :  नाग पंचमी का त्योहार नागों, या सांपों के प्रति सम्मान और श्रद्धा महत्व व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार हर साल श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जात है। नाग पंचमी का पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी के दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करने से काल सर्प दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है। विशेष रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जाप इस दिन बेहद लाभकारी माना गया है।

पढ़ें :- Shardiya Navratri Maa Katyayani :  संसार में संतुलन और धर्म स्थापना के लिए करें मां कात्यायनी की पूजा, अंतर्ज्ञान का केंद्र हैं

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,इस दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष से आपको मुक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कुंडली में कालसर्प दोष है तो इसका निदान भी इस दिन पूजा के साथ किए गए कुछ उपायों से किया जा सकता है।

नाग पंचमी पर होती है सांपों की  पूजा
नाग पंचमी की शुभ अवसर पर अनंत, वासुकी, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक, अश्वंतर, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालिया, तक्षक और पिङ्गल नाग की पूजा का विधान है। इस विशेष दिन पर नाग को दूध पिलाया जाता है, इसके अलावा नाग देवता को दूध और धान का लावा चढ़ाने का विशेष महत्व है।

महामृत्युंजय मंत्र : “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।”

नाग देवता मंत्र
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शङ्ख पालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा॥
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रातःकाले विशेषतः।
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्॥

पढ़ें :- Navaratri 'Batuk Bhairav' :  शक्ति के रक्षक हैं 'बटुक भैरव' ,  इनके बिना कन्या पूजन क्यों है अधूरा?
Advertisement