Lucknow : लखनऊ में सोमवार को अवैध कब्जा हटाने गई नगर निगम की टीम में शामिल नायब तहसीलदार ने एक किसान को अचानक ऐसा तमाचा मारा कि वह जमीन पर गिर गया।इसके बाद किसान के कान से खून निकालने लगा और वो बेहोश हो गया। इस घटना के बाद पुलिसवालों ने किसान को कैसे भी करके सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश किए लेकिन उसकी हालत और ही बिगड़ गयी। तबीयत न सुधारने के कारण उसे हॉस्पिटल ले जाना पड़ा।
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ग्रामीणों ने एंबुलेंस बुलाकर उसे पहले गोसाईगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे पहले सिविल अस्पताल फिर पीजीआई के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। किसान की हालत बिगड़ती देख नायब तहसीलदार मौके से भाग निकले। किसान की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है।यह मामला लखनऊ नगर निगम के मिर्जापुर मस्तेमऊ गांव का है। वहां नगर निगम के नायब तहसीलदार रत्नेश श्रीवास्तव, लेखपाल सुभाष कौशल, राकेश कुमार, लालू प्रसाद अपनी टीम और पुलिस बल के साथ अवैध कब्जा हटाने पहुंचे थे। किसान राम मिलन, जो एक दलित ग्रामीण हैं, अपनी जमीन को पुश्तैनी बताते हुए तीन पीढ़ियों के कागज़ात दिखा रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार राममिलन का कहना था कि यह जमीन उनकी पुश्तैनी है। नवाबों के समय से यह जमीन उनके पास है। उन्होंने तीन पीढ़ी से चले आ रहे कागजात दिखाए। आरोप है कि इसी दौरान नायब तहसीलदार को गुस्सा आ गया और उन्होंने राममिलन को जोर से थप्पड़ मार दिया।इस घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि बहस के दौरान अचानक नायब तहसीलदार को गुस्सा आ गया। उन्होंने किसान को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ इतना ज़ोरदार था कि राम मिलन जमीन पर गिर पड़े।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बहुजन किसान राम मिलन पासी के साथ हुई घटना इंसानियत को शर्मसार करने वाली है।
मिर्जापुर मस्तेमऊ गाँव में कब्ज़ा हटवाने पहुँचे नगर निगम के नायब तहसीलदार को किसान राम मिलन पासी ने अपनी ज़मीन को पुश्तैनी बताते हुए उसके कागज़ दिखाए। उन्होंने अफसरों को… pic.twitter.com/sz5476rNsw
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— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) August 26, 2025
उनके कान से खून निकलने लगा और वह बेहोश हो गए। बताया जा रहा है कि किसान की हालत बिगड़ते देख नायब तहसीलदार रत्नेश श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ मौके से भाग निकले। इसके बाद, ग्रामीणों ने किसान को गोसाईगंज सीएचसी पहुंचाया, जहां से उसे सिविल अस्पताल और फिर पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। किसान की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।