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नेहा बोरा का दो टूक बयान, बोलीं-‘पीस बॉन्ड साइन नहीं करूंगी…’, हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद बताया आगे का प्लान

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) ने कहा कि नतो वह और न ही उनका छात्र संगठन दिल्ली पुलिस के तरफ से मांगे गए ‘पीस बॉन्ड’ (Peace Bond) पर साइन करेगा। उन्होंने कहा कि वह इस नोटिस को आगे चुनौती देंगी। नेहा बोरा का यह बयान दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) से याचिका खारिज होने के एक दिन बाद आया है। आईसा अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora)  ने कहा कि पीस बॉन्ड (Peace Bond) उनके संवैधानिक अधिकार को छीन रहा है, इसलिए उसे साइन नहीं करेंगी। नेहा ने कहा कि देश में कहीं भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के दौरान लोगों को रोकने के लिए इस पीस बॉन्ड का इस्तेमाल किया जाएगा।

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इसके अलावा, नेहा बोरा (Neha Bora)  ने कहा,कि जब इस डेमोक्रेसी में हमारे वोट देने का अधिकार छीन लिया गया, तो हम सड़कों पर उतर आए। आपने वो सारे प्रदर्शन देखे। आपने देखा कि नारे लगाने और बैनर लेकर चलने के अलावा लोगों ने ऐसा कुछ नहीं किया जिसे अलोकतांत्रिक कहा जा सके। जो भी प्रदर्शन और मार्च हुए, वे सभी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण थे। अगर इस पूरे प्रोसेस के दौरान हमने कहीं भी हिंसा देखी, तो वह पुलिस की तरफ से थी।

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नेहा बोरा ने आगे कहा कि प्रदर्शन को संभालने के लिए तैनात सिक्योरिटी वालों ने उन्हें मैनेज करने और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के बजाय लाठियों और डंडों का इस्तेमाल किया। महिलाओं के कपड़े फाड़े गए। आप पत्रकार और मीडिया के लोग भी इस पूरे प्रोसेस के दौरान पुलिस और दूसरे सिक्योरिटी वालों के हाथों हुई हिंसा से अच्छी तरह वाकिफ हैं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका

बता दें कि 16 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा को दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में हिरासत में लिया गया था। हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा बोरा को एक नोटिस मिला था जिसमें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए एक जमानतदार के साथ 10000 रुपये का ‘पर्सनल बॉन्ड’ भरने को कहा गया था। नेहा बोरा ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा जारी किए गए इस नोटिस को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने आदेश सुनाते हुए कहा कि स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वे जांच की प्रक्रिया शुरू करने से पहले पूरी सावधानी बरतें और नेहा बोरा को सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएं।

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