नई दिल्ली। पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) ने बिहार की सम्राट चौधरी सरकार (Samrat Chaudhary Government) के निर्दलीय लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Independent Lok Sabha MP Rajesh Ranjan, alias Pappu Yadav) की सुरक्षा को ‘वाई+’ श्रेणी से ‘वाई’ श्रेणी में घटाने के फैसले को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने इस कदम को मनमाना और सनकी बताते हुए कहा कि यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता वाली एकल-न्यायाधीश पीठ ने बिहार के गृह सचिव को पूर्णिया सांसद को दी गई ‘वाई+’ श्रेणी की सुरक्षा बहाल करने का निर्देश दिया, जिसे सितंबर 2025 में कम कर दिया गया था। पटना हाईकोर्ट यादव के तरफ से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने आपराधिक गिरोहों से अपने जीवन और संपत्ति को कथित खतरों के मद्देनजर अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।
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दरअसल, पप्पू यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि उन्हें जान का खतरा है। उन्होंने बताया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अन्य अपराधी गिरोहों से उन्हें धमकियां मिल रही हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाए।
इसके बाद 9 अगस्त 2025 को बिहार सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाकर Y+ कर दी थी। लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद 23 सितंबर 2025 को सरकार ने बिना स्पष्ट कारण बताए सुरक्षा घटाकर Y कर दी थी। कोर्ट ने यह भी पाया कि किसी सुरक्षा एजेंसी की ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं थी, जिसमें यह कहा गया हो कि पप्पू यादव पर खतरा कम हो गया है। अदालत के इस फैसले के बाद साफ है कि पूर्णिया सांसद एक बार फिर Y+ श्रेणी की सुरक्षा में रहेंगे।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर मुहैया कराए सुरक्षा
कोर्ट ने बिहार सरकार (Government of Bihar) के गृह विभाग को पप्पू यादव को तत्काल Y+ श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही सरकार से कहा है कि भविष्य में सुरक्षा से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले सभी तथ्यों और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट पर विचार किया जाए। इसके अलावा संबंधित व्यक्ति का पक्ष भी जरूर सुना जाए।
Z सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे थे पप्पू यादव
अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग को लेकर पप्पू यादव सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंच गए थे। इस संबंध में उन्होंने शीर्ष अदालत में Y श्रेणी की सुरक्षा को बढ़ाकर Z श्रेणी करने की मांग वाली याचिका दायर की थी। उन्होंने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को अपर्याप्त बताते हुए जान का खतरा होने का हवाला दिया।
पप्पू यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उन्हें पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) में मामले को सूचीबद्ध कराने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट इस मामले में उचित आदेश पारित करेगा। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई का रास्ता साफ हुआ।