मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) , महाराष्ट्र (Maharashtra) , बिहार (Bihar) और कर्नाटक (Karnataka) में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनाव का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि चार बड़े राज्यों में एमएलसी की 28 सीटों पर चुनाव हुए और मतदान बैलेट पेपर यानी मतपत्रों के जरिए कराया गया। इसके बाद उन्होंने पूछा कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं। पीएम मोदी की इस पोस्ट में चुनाव के तरीके और कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया है। इन चार राज्यों के चुनाव में अलग-अलग दलों के बीच मुकाबला हुआ है। उपलब्ध नतीजों और रुझानों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों का प्रदर्शन भी सामने आया है।
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MLC elections in 28 seats across 4 big states – Uttar Pradesh, Maharashtra, Bihar and Karnataka.
Elections held using ballot papers.
Guess how many seats Congress won?
— Narendra Modi (@narendramodi) October 28, 2026
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उत्तर प्रदेश में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव हुए। फिलहाल तक, पांच सीटों के नतीजे घोषित हुए थे, जिनमें भाजपा ने चार और समाजवादी पार्टी ने एक सीट जीती। भाजपा ने मेरठ शिक्षक, मेरठ स्नातक, बरेली शिक्षक और लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के हरि सिंह ढिल्लों ने जीत हासिल की। बाकी सीटों पर मतगणना जारी थी।
गोरखपुर शिक्षक और आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा के उम्मीदवार आगे थे। वहीं, वाराणसी स्नातक, आगरा शिक्षक, लखनऊ स्नातक और झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए थे। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे था। मतगणना प्रक्रिया को लेकर भाजपा और सपा ने एक-दूसरे पर आरोप भी लगाए। हालांकि कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।
बिहार में किसे मिली जीत और कांग्रेस को कहां झटका लगा?
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बिहार विधान परिषद की आठ सीटों में से पांच के नतीजे घोषित हुए थे। इन पांच सीटों पर भाजपा, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), जनता दल यूनाइटेड (JDU), जन सुराज पार्टी और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक सीट जीती। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद ने पांच बार के भाजपा एमएलसी नवल किशोर यादव को हराया। तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह ने मौजूदा सीपीआई एमएलसी संजय सिंह को शिकस्त दी। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के सुरेश राय ने कांग्रेस नेता और बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन झा को हराया।
पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार ने राजद के दिलीप राय को मात दी। सारण सीट पर भाजपा के बागी निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी। चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे आने बाकी थे। जन सुराज पार्टी के अनुज सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें बाहुबली विधायक अनंत सिंह का समर्थन मिला था। जदयू ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अनंत सिंह को पार्टी से निकाल दिया था। हार पर अनंत सिंह ने कहा कि जनता जिसे चुनती है, वही जीतता है। वहीं, बात अगर कांग्रेस की करें तो यहां भी कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली हैं।
कर्नाटक और महाराष्ट्र में क्या रही चुनाव की स्थिति?
कर्नाटक में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने विधान परिषद की चारों सीटें जीत लीं। इनमें भाजपा के तीन और जनता दल (सेक्युलर) के एक उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया था। गठबंधन के उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने बंगलूरू शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को हराया। इस सीट पर 81.98 प्रतिशत मतदान हुआ। उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए के शशिल जी नामोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को शिकस्त दी।
महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए महायुति और महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार मैदान में थे। कुल 182 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। इन सीटों में तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे। उपलब्ध रुझानों के मुताबिक, दो सीटों पर भाजपा, एक पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना और दो पर शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी आगे थी। पांचों सीटों के अंतिम नतीजे अभी घोषित नहीं हुए थे। इस तरह चार राज्यों के चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर पीएम मोदी का सवाल सामने आया, लेकिन उनकी पोस्ट में पार्टी की कुल जीती हुई सीटों का आंकड़ा नहीं दिया गया।