नई दिल्ली। इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मंगलवार को एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों ओर सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन के बाहर धरने पर बैठे थे। अब दिल्ली पुलिस ने राहुल—प्रियंका समेत अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया है और धरना प्रदर्शन से उन्हें हटा दिया गया है।
पढ़ें :- पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस का AAP पर हमला, 4 नवंबर को संगरूर में राहुल गांधी करेंगे ‘हिसाब मांगो’ रैली
वहीं, इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि, आकाशवाणी भवन परिसर में चल रहे अपने विरोध प्रदर्शन को जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि, उन्हें यहां प्रदर्शन करने में कोई परेशानी नहीं है और वे अपना विरोध जारी रखेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि, अगर दिल्ली पुलिस को परिसर में उनके प्रदर्शन से असुविधा है तो पुलिस उन्हें प्रदर्शन के लिए कोई दूसरी जगह उपलब्ध करा सकती है।उन्होंने कहा कि संविधान हमें विरोध दर्ज कराने की अनुमति देता है।
नरेंद्र मोदी घबराए हुए हैं- उन्हें समझ आ गया है कि उनका चेला ज्ञानू बचेगा नहीं।
इसलिए तानाशाही पर उतर आए हैं, लेकिन हम डरने वाले नहीं। हम लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे। https://t.co/gyDE6DfGQB
— Congress (@INCIndia) October 6, 2026
पढ़ें :- ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा ब्रो’, खरगे के बयान पर BJP का पलटवार, सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा सियासी विवाद
राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है – ये बात पूरा देश जानता है। इन लोगों ने ‘वोट चोरी’ कर देश को हाईजैक किया है। आप देखिएगा – इनमें से कोई नहीं बचेगा, सब पर कार्रवाई होगी।