लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रगति पोर्टल (PRAGATI Portal) यानी प्रो एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्पलीमेंटेशन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं, योजनाओं एवं जन शिकायतों के समाधान पर संवाद किया। उन्होंने कहा, ‘प्रगति’ आज नए भारत की कार्य संस्कृति का एक नया उदाहरण है। जिसका अर्थ है… प्रो एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन।
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उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो पर दृष्टि डालें, तो इस अवधि में कुल ₹10 लाख 48 हजार करोड़ की लागत वाली 330 परियोजनाओं के साथ प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो है। प्रगति ने आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों के साथ-साथ पॉजिटिव गवर्नेंस को भी एक नई दिशा दी है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यदि हम इस मॉडल को देखें, तो यह वास्तव में एक गेम-चेंजर साबित हुआ है।
PRAGATI
'नए भारत' की कार्य संस्कृति का एक नया उदाहरण है, जिसका मतलब है- प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन… pic.twitter.com/I8ucwJS43B
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 13, 2026
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, उत्तर प्रदेश आज भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है। देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण केंद्र के रूप में उत्तर प्रदेश में आज व्यापक स्तर पर परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर अब केवल राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की भी मजबूत रीढ़ बन चुका है।
साथ ही कहा, प्रगति केवल एक रिव्यू मैकेनिज्म नहीं, बल्कि गवर्नेंस रिफॉर्म है। इसने शासन को फाइल-केंद्रित संस्कृति से फील्ड-आधारित परिणामों की दिशा में अग्रसर किया है। इसके माध्यम से निर्णय प्रक्रिया तेज हुई है। प्रगति के माध्यम से 97 फीसदी समस्याओं के निदान का लक्ष्य प्राप्त किया गया है। हर योजना का लाभ आमजन तक पहुंचे, पीएम मोदी के इस विजन को इसके माध्यम से गति मिली है। 2014 के पहले प्रोजेक्ट स्वीकृत तो होते थे, लेकिन कंप्लीट नहीं होते थे। आज हर प्रोजेक्ट के शुरुआत के साथ ही उसके पूरा होने का समय निर्धारित हो जाता है।