Rani Mukherjee Birthday Special: बॉलीवुड फेमस एक्ट्रेस रानी मुखर्जी (Rani Mukherjee) आज अपना 46 वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहीं हैं. रानी का जन्म 21 मार्च 1978 को मुंबई में हुआ था. रानी 90 के दशक से आज तक लाखों फैन्स के दिलों पर राज कर रहीं हैं. वहीं अगर रानी मुखर्जी (Rani Mukherjee) की लव लाइफ के बारे में बात की जाए तो रानी भी मामले किसी से पीछे नहीं है.
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आपको बता दें, अभिनेता गोविंदा और रानी मुखर्जी (Rani Mukherjee) की प्रेम कहानी बॉलीवुड की बेहद दिलचस्प प्रेम कहानियों में से एक है. लेकिन अफसोस इनकी प्रेम कहानी अधूरी ही रह गई. चो चलिए हम आपको बताते हैं गोविंदा और रानी मुखर्जी की अधूरी प्रेम कहानी की दर्दभरी दास्तान
गोविंदा और रानी मुखर्जी की पहली मुलाकात
साल 2002 में फिल्म ‘हद कर दी आपने’ (Film ‘Had Kar Di Aapne’) के सेट पर गोविंदा और रानी मुखर्जी की पहली मुलाकात हुई. देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे के काफी करीब आ गए और दोनों में तगड़ा रोमांस शुरू हो गया. दुनिया की नजरों से बचते-बचाते दोनों का रोमांस परवान चढ़ने लगा. लेकिन कहते हैं ना कि प्यार को लाख छुपाने की कोशिश कोई भले ही कर ले, लेकिन ये जग जाहिर हो ही जाता है.
कुछ ऐसा ही हुआ इन दोनों के साथ. जब अचानक एक दिन एक फोटोग्राफर ने वर्सोवा स्थित रानी के फ्लैट में दस्तक दे दी और फोटोग्राफर को देख गोविंदा अर्धनग्न हालत में रानी के कमरे से बाहर आए. बस फिर क्या था देखते ही देखते दोनों के अफेयर के चर्चे बॉलीवुड में होने लगे. अब जब दोनों के अफेयर की बात बॉलीवुड इंडस्ट्री में फैल गई तो भला गोविंदा का घर इससे कैसे बच सकता था. जैसे ही गोविंदा के घर ये खबर पहुंची उनके घर हंगामा शुरू हो गया.
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गोविंदा की पत्नी सुनीता आहुजा ने इस प्रेम कहानी को खत्म करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाएं. घर छोड़ने, तलाक लेने से लेकर बच्चों को गोविंदा से दूर करने तक के हर दांवपेच को आजमा लिया. कहा जाता है कि गोविंदा किसी भी हाल में रानी को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे. लेकिन जब बात बच्चों से अलग होने की आ गई तो गोविंदा को अपनी पत्नी के सामने झुकना पड़ा.
भले ही गोविंदा अपनी पत्नी के सामने झुक गए लेकिन बावजूद इसके गोविंदा और रानी मुखर्जी ठिकाने बदलकर एक-दूसरे से मिलने लगे. लेकिन इस बार जब इसकी भनक गोविंदा की पत्नी को लगी तब उन्होंने सीधे रानी को फोन किया और उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई. जिसके बाद रानी ने गोविंदा पर आखिर और अहम फैसला लेने का दबाव डाला. लेकिन गोविंदा ने अपने परिवार को चुना और रानी के साथ अपनी प्रेम कहानी को खत्म करने का फैसला कर लिया.
उधर रानी ने भी इस फैसले को नियति मानते हुए गोविंदा से अपने रास्ते अलग कर लिए. इस तरह से गोविंदा और रानी मुखर्जी के बीच चार सालों तक चली इस प्रेम कहानी ने दम तोड़ दिया. गौरतलब है कि गोविंदा के लिए सुनीता को छोड़ पाना इतना आसान नहीं था क्योंकि उनकी सारी प्रॉपर्टी पत्नी सुनीता के नाम थी. वहीं रानी को गोविंदा का शादीशुदा होना और दो बच्चों का पिता होना खटक रहा था. इसलिए दोनों का रिश्ता मंजिल तक पहुंचने से पहले ही हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो गया.