वाराणसी: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेला स्नान विवाद को लेकर एक बार फिर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला है। उन्होंने सीएम योगी को कालनेमि तक करार दे दिया। शंकराचार्य ने कहा कि जो व्यक्ति नाम से कुछ और वेशभूषा से कुछ और और आचरण से कुछ और हो उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
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सीएम योगी को सत्ता में बैठे रहने का अधिकार नहीं
शंकराचार्य ने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सीएम योगी के नीचे बैठने वाले दोनों उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक उनकी कार्यशैली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं। इस तरह के प्रश्न चिन्ह लगने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सत्ता में बैठे रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (UP Deputy Chief Minister Brijesh Pathak) ने गुरुवार को 101 बटुकों को घर पर बुलाकर अंगवस्त्र और तिलक लगाकर पैर छूकर सम्मान किया है। इस घटना पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Avimukteshwaranand Saraswati) ने भाजपा सरकार (BJP Government) पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ये करके अपनी भावना दिखाई है और जताया कि जो प्रयागराज में हुआ वह पाप था उसको धोने के लिए मैं अपना प्रयास कर रहा हूं। इससे प्रयागराज में घटना का पाप नहीं धुल सकता है। 101 बटुकों पर पुष्पवर्षा कर और तिलक कर सम्मानित करना कोई कार्रवाई नहीं है, ये राजनीति है। कहा कि जो वास्तविक पीड़ित है, जिस बटुक की चोटी खींची गई उसके पास जाते कि अपने पसंद के बटुक बुला लिए और चंदन लगा दिए। ये राजनीति नहीं है तो क्या है?
सीएम योगी को गाय को राज्य माता का दर्जा देने के 40 दिन के अल्टीमेटम पर शंकराचार्य नें कहा है कि 20 दिन खत्म हो चुका है और बाकी के 20 दिन बचे हुए हैं। 40 दिन का अल्टीमेटम पूरा होने पर हम धर्माचार्यों के साथ लखनऊ के लिए हुंकार भरेंगे। इस दौरान उन्होंने देशभर के धर्माचार्यों से सहयोग की अपील भी की है। शंकराचार्य ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के माध्यम से सबसे ज्यादा बीफ का व्यापार हो रहा है और उत्तर प्रदेश की तुलना में बंगाल में गौ हत्या कम है। उन्होंने कहा कि 20 दिन का अल्टीमेटम 11 मार्च को पूरा हो रहा है। इस दिन लखनऊ जाएंगे और वहीं जांच के बाद जो निष्कर्ष निकलेगा वही घोषित करेंगे।