लखनऊ: सुशांत गोल्फ सिटी घोटाले (Sushant Golf City Scam) में योगी सरकार (Yogi Government) ने बुधवार को बड़ा एक्शन लिया है। मुकदमे दर्ज होने के एक महीने बाद सात सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। यह आदेश उत्तर प्रदेश आवास विभाग (Uttar Pradesh Housing Department) के विशेष सचिव की ओर से जारी किया गया है। लगभग 1000 करोड़ रुपए के इस घोटाले में लोगों का आशियाने का सपना चूर-चूर हो चुका है।
पढ़ें :- संजय निषाद ने यूपी विधान चुनाव से पहले बीजेपी को दिया अल्टीमेटम, आरक्षण पर फैसला करो, वरना दूसरा दरवाजा देखेंगे
घोटाले में अंसल कंपनी के आला अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं। मुकदमा दर्ज हुए एक महीना हो गया, इसके बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। सरकार की ओर से अब इसकी विभागीय जांच भी शुरू की गई है। इसके लिए 7 सदस्यों की कमेटी बनाई गई है।
आवास विभाग के विशेष सचिव राजेश कुमार राय (Rajesh Kumar Rai, Special Secretary, Housing Department) ने बताया कि मेसर्स अन्सल प्रॉपर्टीज एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. (M/s Ansal Properties and Infrastructure Ltd.) द्वारा लखनऊ में सुल्तानपुर रोड पर विकसित की जा रही हाइटेक टाउनशिप परियोजना (Hi-Tech Township Project) के संबंध में उपाध्यक्ष, लखनऊ विकास प्राधिकरण (Vice President, Lucknow Development Authority) ने एक पत्र लिखा था, जिसके संबंध में यह पूरी जांच कराई जाएगी।
कमेटी इन 7 बिंदुओं पर करेगी जांच
ग्राम सभा, चक मार्ग, सरकारी भूमि आदि पर बिना स्वामित्व प्राप्त किए स्थल पर किए गए विकास कार्य व कब्जे की स्थिति ज्ञात करना।
पढ़ें :- सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को एसईएम कोर्ट से मिली जमानत, लिखित माफीनामे और शपथ पत्र के बाद रिहाई
इन भूखंड की देयता आदि के सम्बन्ध में आख्या प्रस्तुत करना।
प्राधिकरण के पक्ष में बंधक भूमि के विक्रय किए जाने की स्थिति व भूखण्डों की स्थलीय आख्या ज्ञात किया जाना।
इसके अलावा बंधक भूमि का मूल्यांकन किया जाना।
स्वीकृत टाउनशिप में अवशेष विकास कार्यों को पूर्ण कराने के लिए व्यय का अनुमान प्रस्तुत करना।
योजना के अन्तर्गत बिना स्वामित्व प्राप्त किए शासकीय भूमि के आवंटन की स्थिति तथा समस्त आवंटियों का विवरण प्राप्त करना।
पढ़ें :- Police Commemoration Day 2026 : सीएम योगी, बोले-शहीदों के प्रति राष्ट्र का ऋण कोई भी नहीं चुका सकता
योजना के अन्तर्गत आने वाली कन्सोर्शियम सदस्यों की भूमि के क्रय-विक्रय सम्बन्धी विवरण एकत्रित कर सूचना उपलब्ध कराना।
जांच कमेटी में जानें कौन-कौन हैं अधिकारी?
मण्डलायुक्त, लखनऊ मण्डल, डॉ.रोशन जैकब अध्यक्ष।
जिलाधिकारी, लखनऊ, सदस्य।
महानिरीक्षक, स्टाम्प उप्र द्वारा नामित वरिष्ठ अधिकारी जो उप महानिरीक्षक स्तर से हो-सदस्य।
उपाध्यक्ष, लखनऊ विकास प्राधिकरण, लखनऊ-संयोजक।
पढ़ें :- यूपी पुलिस को बड़ा तोहफा, सीएम योगी ने मोटरसाइकिल भत्ता बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह किया, वर्दी भत्ते में भी की बढ़ोतरी
नगर आयुक्त, नगर निगम, सदस्य।
मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, सदस्य।
निदेशक/सलाहकार, आवास बन्धु, सदस्य।