पंजाब। पंजाब के मोहाली में कई निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कोलाहल मच गया। पुलिस और प्रशासन ने धमकी भरे ई-मेल मिलने की सूचना के बाद तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीमों ने स्कूल परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया।
पढ़ें :- Flydubai Pilot Attack: ‘कैप्टन सोना मत… हमें आपकी जरूरत है’, करीब 45 मिनट तक कैप्टन को बचाने में जुटे रहे इजरायली डेंटिस्ट, बताया आंखों देखा हाल
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मोहाली के करीब आधा दर्जन निजी स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल मिले। इसी बीच मोहाली के न्यायिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स को भी धमकी मिलने की खबर सामने आई। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने प्रभावित परिसरों को सुरक्षा घेरे में ले लिया। साथ ही लोगों की आवाजाही पर रोक लगाकर जांच शुरू की।
डॉग स्क्वाड और बम निरोधक दस्ते ने की जांच
धमकी की सूचना मिलते ही बम डिस्पोजल स्क्वाड, एंटी-सैबोटाज टीम और स्निफर डॉग्स को मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा टीमों ने स्कूलों के कमरों, परिसर और आसपास के इलाकों की तलाशी ली। किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं करते हुए पुलिस ने पूरी जांच के बाद परिसरों को सुरक्षित घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके अलावा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में मौजूद बच्चों को वापस घर भेज दिया गया। कोर्ट परिसर में भी आम लोगों की एंट्री रोक दी गई थी।
तलाशी में नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान
पढ़ें :- पटना मेट्रो का एक साल पूरा, 3.37 लाख से अधिक लोगों ने किया सफर, दिसंबर तक खुलेगा नया 'खेमनीचक' स्टेशन
बता दें कि पुलिस की कई टीमों ने घंटों तक तलाशी की, लेकिन जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। तलाशी पूरी होने के बाद स्कूलों और अन्य प्रभावित परिसरों में गतिविधियां दोबारा शुरू की गईं। आपको बता दें कि इससे पहले भी मोहाली और पंजाब के दूसरे शहरों में स्कूलों और अन्य संस्थानों को इस तरह के धमकी भरे ई-मेल मिल चुके हैं। फरवरी 2026 में भी मोहाली के कई निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस दौरान भी पुलिस, बम निरोधक दस्ते और एंटी-सैबोटाज टीमों ने बड़े पैमाने पर जांच की थी, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला था।
फिलहाल, पुलिस ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए धमकी भेजने वाले की पहचान और ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। इससे पहले सामने आए कई मामलों में धमकियां फर्जी साबित हुई हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना पर निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अंतर्गत लगातार कार्रवाई कर रही हैं।