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संत प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा! सुरक्षा के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र

By santosh singh 
Updated Date

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले (Shri Krishna Janmabhoomi Case) में पक्षकार दिनेश फलाहारी (Dinesh Falahari) ने संत प्रेमानंद महाराज (Saint Premanand Maharaj) की सुरक्षा और आश्रम परिसर के भीतर के हालातों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संत की सुरक्षा के साथ ही केलिकुंज आश्रम (Kelikunj Ashram) और आसपास की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। दिनेश ने पत्र में बताया कि श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम (Shrihit Radha Kelikunj Ashram) से जुड़ी गतिविधियों को लेकर दो पक्षों के बीच मतभेद हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि आश्रम की आड़ में संपत्ति व प्रापर्टी के धंधे से जुड़े कुछ लोग सक्रिय हो गए हैं, जिन्होंने संस्था के प्रभाव का अनुचित लाभ उठाते हुए आश्रम बना लिए हैं।

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उनके पत्र के अनुसार संपत्ति और व्यावसायिक गतिविधियों से आहत होकर संत प्रेमानंद महाराज (Saint Premanand Maharaj)  बेलवन स्थित आश्रम चले गए। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब केलिकुंज आश्रम (Kelikunj Ashram) के आसपास से बच्चों के गायब होने तथा संदिग्ध लोगों के सक्रियता की आशंकाएं जताई जाने लगीं। भक्तों का मानना है कि संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा देश व अध्यात्म हित में बेहद आवश्यक है।

संत प्रेमानंद के समर्थन में आए संत और भागवताचार्य

शिष्य की मौत के बाद चर्चा में आए संत प्रेमानंद के समर्थन में ब्रज के संत और भागवताचार्य सामने आए हैं। उनका कहना है कि बिना सच्चाई जाने संत के खिलाफ बयानबाजी करना गलत है। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए।

भागवताचार्य चित्रलेखा बोलीं, लोग जो मन में आए बोल रहे हैं, कोई मर्यादा नहीं

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भागवताचार्य चित्रलेखा ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj)  के बारे में लोग जो मन में आ रहा बोल रहे हैं, कोई मर्यादा नहीं। किसी को कुछ पता नहीं है, फिर भी बड़ी बातें कर रहे हैं। यदि कोई घटना हो भी जाती है तो क्या किसी सद महापुरुष एवं रसिक प्रेमी पर बोलना ही बड़ा अपराध है। उन्होंने कहा कि अधूरा ज्ञान बड़ा खतरनाक होता है। यदि ज्ञान नहीं है तो मौन रहना चाहिए। मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज (Maluk Peethadheeshwar Mahant Rajendra Das Maharaj) ने संत प्रेमानंद महाराज (Saint Premanand Maharaj) का नाम न लेते हुए कहा कि समाज बड़े से बड़े महापुरुष की छीछालेदर करने में नहीं चूकता,लेकिन उनके द्वारा राष्ट्र एवं समाज को क्या मिला, उसे निंदक नहीं देखते।

भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य (Bhagwatacharya Aniruddhacharya) ने कहा कि मीडिया को किसी जज की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि वह खुद ही जज बन जाती है। बिना सच्चाई जाने संत प्रेमानंद महाराज (Saint Premanand Maharaj)  को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) ने लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं को सनातन धर्म के मार्ग से जोड़ा है। उनके प्रवचनों से बड़ी संख्या में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। ऐसे संत के प्रति बिना तथ्यों की जानकारी के आरोप लगाना उचित नहीं है।

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