UP Election 2027 : यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही प्रदेश की राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास (Maulana Saif Abbas) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी बीते 34 वर्षों से मुस्लिम समाज को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती आई है।
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मुसलमानों को 34 साल से ठग रही समाजवादी पार्टी : धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास
-मुस्लिम समझ गया, 2027 में सपा और ओवैसी को वोट नहीं करेगा मुसलमान
-राज्यसभा टिकट किसे दिया, क्या यही पीडीए है, पिता भाजपा में और बेटे को टिकट सपा से राज्य सभा भेजा ! https://t.co/Qx8lmG0N7U— Parvez Ahmad (@parvezahmadj) October 21, 2026
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मौलाना सैफ अब्बास का कहना है कि अब मुसलमान सब कुछ समझ चुका है। उनके अनुसार आने वाले चुनाव में मुस्लिम समाज न समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा होगा और न ही असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM Chief Asaduddin Owaisi) की पार्टी के साथ। उन्होंने दावा किया कि समुदाय अब भावनात्मक नारों और खोखले वादों के झांसे में आने वाला नहीं है। राज्यसभा टिकट को लेकर भी उन्होंने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया। मौलाना ने सवाल उठाया कि राज्यसभा का टिकट आखिर किसे दिया गया है? उनका आरोप है कि जिस परिवार का पिता भारतीय जनता पार्टी में है, उसी के बेटे को समाजवादी पार्टी ने टिकट थमा दिया। उन्होंने तंज करते हुए पूछा कि क्या यही अखिलेश यादव का पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वाला फॉर्मूला (PDA) कहां है?
मौलाना का कहना है कि पीडीए (PDA) की बात तो बहुत होती है, लेकिन जब हिस्सेदारी देने की घड़ी आती है तो पार्टी के फैसले कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। उनके अनुसार इस तरह के निर्णय पार्टी के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को साफ दिखाते हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाता लंबे समय से चुनावी समीकरणों में निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास की नाराजगी सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। अब देखना यह होगा कि समाजवादी पार्टी इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या वह मुस्लिम समाज का भरोसा दोबारा जीतने के लिए कोई ठोस कदम उठाती है। फिलहाल इतना तय है कि 2027 की जंग से पहले मुस्लिम वोटों को लेकर सियासी खींचतान और तेज होने वाली है।