लखनऊ। भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह (BJP MLC Devendra Pratap Singh) ने बुधवार को फिर बगावती तेवर दिखाए। आरोप लगाया कि यूपी (UP) में शिक्षकों को धमकाकर MLC चुनाव में वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) वित्तविहीन स्कूलों के प्रबंधकों को मान्यता खत्म करने की धमकी दे रहे हैं। मऊ में DIOS और अल्पसंख्यक अधिकारी स्कूलों व मदरसों में जाकर शिक्षकों को धमका रहे हैं। बलिया में भी इसी तरह के लेटर जारी किए जाने का आरोप है। देवेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव आयोग (Election Commission) से कार्रवाई की मांग की। कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की धमकी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
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MLC चुनाव से पहले बीजेपी में खुली बगावत।
बीजेपी के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बयान जारी किया।
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बयान जारी करके कहा कि आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक शिक्षकों को धमका रहे हैं, मान्यता रद्द करने की धमकी दे रहे हैं।
उन्होंने इसे मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बताया।
गौरतलब है आजमगढ़ गोरखपुर फैजाबाद सीट के तहत आता है, जो योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा की सीट है।
योगी आदित्यनाथ के लिए स्थितियां बहुत विपरीत हैं।
— abhishek upadhyay (@upadhyayabhii) October 21, 2026
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गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने 19 अक्टूबर को शिक्षकों के नाम एक लेटर लिखा था। उन्होंने 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव में अन्याय और अपमान के खिलाफ वोट देने की अपील की थी। 12 अक्टूबर को गोरखपुर में शिक्षक सम्मेलन के मंच से उतारे जाने के बाद से आहत हैं। उनकी सपा में शामिल हो चुके गोरखपुर के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के साथ तस्वीर भी सामने आई थी।
देवेंद्र सिंह बोले- शिक्षकों को डरने की जरूरत नहीं
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में कई शिक्षक बेवजह उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। आज सुबह 10 बजे उन्हें सूचना मिली कि आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक वित्तविहीन स्कूलों के प्रबंधकों को पत्र जारी कर मान्यता खत्म करने की धमकी दे रहे हैं, ताकि उनसे वोट हासिल किए जा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि मऊ के जिला विद्यालय निरीक्षक और अल्पसंख्यक अधिकारी भी स्कूलों और मदरसों में जाकर शिक्षकों को धमका रहे हैं। बलिया के जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से भी ऐसा ही पत्र जारी किया गया है।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होने चाहिए। लोकतंत्र में इस तरह की धमकियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि जो लोग उन्हें धमका रहे हैं और उनके सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं, उन्हें जवाब दें। 23 तारीख को अपना नेतृत्व चुनें और अपने अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े हों।
देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मतदान आपका अधिकार है, इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। मैं आपके साथ खड़ा हूं। किसी भी कीमत पर शिक्षकों को धमकाया जाना बर्दाश्त नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक किसी भी गुट में हों, उनके हित, प्रतिभाशाली युवाओं और प्रतियोगी छात्रों के हित उनकी प्राथमिकता हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपने संघर्ष को आगे बढ़ाने और 23 तारीख को मजबूत जनादेश देने की अपील की।