मुंबई : टीवी और फिल्म जगत के लिए के दुखद खबर निकलकर सामने आ रही है। दरअसल, दिग्गज अभिनेता राकेश पांडे (Actor Rakesh Pandey) का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। राकेश पांडे का निधन कार्डियक अरेस्ट (Actor Rakesh Pandey Passes Away) के कारण हुआ है। अभिनेता को मुंबई के जुहू स्थित भारतीय आरोग्य निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। राकेश पांडे भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे और भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ के पूर्व छात्र थे। वह थिएटर से गहराई से जुड़े रहे और इंडियन पीपल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) का हिस्सा भी रहे।
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राकेश पांडे (Rakesh Pandey) ने अपने करियर की शुरुआत बासु चटर्जी की फिल्म सारा आकाश (1969) से की, जिसमें उन्होंने समर का किरदार निभाया। इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार मिला। पिछले 25 वर्षों में उन्होंने चैंपियन (2000), दिल चाहता है (2001), इंडियन (2001), देवदास (2002), लक्ष्य (2004), ब्लैक (2005) और द राइज़ ऑफ सुदर्शन चक्र (2023) जैसी फिल्मों में काम किया. उनके करियर की अन्य प्रमुख फिल्में अमर प्रेम (1972), वो मैं नहीं (1974) और ईश्वर (1989) हैं।
टेलीविजन जगत में भी राकेश पांडे (Rakesh Pandey) का अहम योगदान रहा। वह दूरदर्शन के प्रतिष्ठित धारावाहिक भारत एक खोज (1988) में नजर आए. इसके अलावा, उन्होंने शक्तिमान (1997), छोटी बहू (2008) और दहलीज़ (2016) जैसे सीरियल्स में भी काम किया।
राकेश पांडे का भोजपुरी सिनेमा में योगदान
भोजपुरी फिल्मों में भी राकेश पांडे (Rakesh Pandey) का योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने बलम परदेसिया (1979) और भैया दूज (1984) जैसी फिल्मों में अभिनय किया। साथ ही, वह कथित रूप से पहली भोजपुरी टीवी सीरियल सांची पिरितिया में भी नजर आए थे। उन्हें भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए चौथा भोजपुरी फिल्म पुरस्कार (लाइफटाइम अचीवमेंट) भी मिला।
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किया गया अंतिम संस्कार
राकेश पांडे (Rakesh Pandey) का अंतिम संस्कार 22 मार्च को अंधेरी वेस्ट, मुंबई के शास्त्री नगर श्मशान घाट में किया गया। वह अपने पीछे पत्नी और बेटी को छोड़ गए हैं। उनके अभिनय और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।