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खबरों के अनुसार, इस कारखाने में करीब 200 करोड़ डॉलर का निवेश किया जाएगा और इसका पहला चरण 2025 के मध्य तक चालू होने की उम्मीद है। विनफास्ट भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों(Electric vehicles) के लिए एक पूरा तंत्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत कंपनी अपनी बैटरी निर्माण (Battery Manufacturing) और चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क (charging station network) के लिए भी निवेश करेगी।
विनफास्ट के एक अन्य समूह की कंपनी “वी-ग्रीन” इस परियोजना के तहत बैटरी निर्माण करेगी और भारत में चार्जिंग ढांचे को विकसित करने के लिए निवेशकों को आकर्षित करने की योजना बनाएगी। यह कंपनी विनफास्ट से अलग है, लेकिन इसके संस्थापक वही फाम नात वुओंग हैं।
कंपनी ने इन दोनों गाड़ियों को इस साल के अंत तक लॉन्च करने की योजना बनाई है और अगले कुछ सालों में कुल सात इलेक्ट्रिक वाहनों को बाजार में उतारने का लक्ष्य रखा है।
विनफास्ट के एशिया के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी फाम सान चाउ (Pham San Chau) ने बताया कि तुतुकुडी को चुनने का कारण यह है कि यह स्थान बंदरगाह और हवाई अड्डे के करीब है, जिससे निर्यात में आसानी होगी। फिलहाल विनफास्ट के वियतनाम में दो कारखाने हैं, जिनकी उत्पादन क्षमता क्रमशः 50,000 और 1 लाख वाहन प्रति वर्ष है।
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भारत में अपने उत्पादन के लिए कंपनी ने शुरुआत में 50 करोड़ डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। इसके अलावा विनफास्ट के अधिकारी ने कहा कि वे भारत में बैटरी निर्माण पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि वाहनों में अधिक से अधिक स्थानीयकरण किया जा सके।